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राघव चड्ढा का बड़ा पलटवार: “घायल हूं इसलिए घातक हूं” बयान से AAP में मचा सियासी बवाल

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राघव चड्ढा का बड़ा पलटवार: “घायल हूं इसलिए घातक हूं”, वीडियो जारी कर आरोपों का दिया जवाब Trend2in News Desk | नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा— “घायल हूं इसलिए घातक हूं”, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में इन दिनों आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही हलचल के बीच राघव चड्ढा ने अपने विरोधियों पर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए एक दमदार फिल्मी डायलॉग का इस्तेमाल किया। “घायल हूं इसलिए घातक हूं” बना जवाब का हथियार राघव चड्ढा ने अपने वीडियो में कहा कि वे लगातार झूठे आरोपों और हमलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा— “घायल हूं इसलिए घातक हूं”, जो उनके आत्मविश्वास और आक्रामक रुख को दर्शाता है। यह डायलॉग बॉलीवुड फिल्मों के प्रभाव से प्रेरित माना जा रहा है, खासकर सनी देओल की फिल्मों “घायल” और “घातक” की शैली को दर्शाता है। 'धुरंधर' फिल्म से जु...

कौन हैं अशोक मित्तल? AAP के नए राज्यसभा चेहरा, LPU से संसद तक का सफर

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राज्यसभा में बड़ा बदलाव: राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल की एंट्री, क्या AAP में सब कुछ ठीक नहीं? Trend2in News Desk नई दिल्ली/पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में अपने उपनेता पद पर बड़ा बदलाव करते हुए राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद से पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राघव चड्ढा द्वारा जारी वीडियो में उन्होंने साफ कहा कि उनकी “खामोशी को हार मत समझा जाए”, वहीं इसके कुछ ही समय बाद दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का तीखा बयान सामने आया—“जो डर गया, समझो मर गया।” इन बयानों ने इस पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। Related News: AAP में राघव vs सौरभ विवाद का पूरा मामला पढ़ें कौन हैं अशोक मित्तल? (Who is Ashok Mittal) अशोक कुमार मित्तल भारतीय राजनीति और शिक्षा जगत का एक बड़ा नाम हैं। उनका जन्म 10 सितंबर 1964 को पंजाब के जालंधर में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से एक छोटे व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। उनके पिता ने...

पूरा वायरल VIDEO देखें: AAP में अंदरूनी विवाद, राघव vs सौरभ की सीधी टक्कर

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राघव चड्ढा के ‘हारा नहीं हूं’ बयान पर AAP में तगड़ा पलटवार, सौरभ भारद्वाज बोले- जो डर गया, समझो मर गया Trend2in News Desk | नई दिल्ली नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रही बयानबाजी ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने चुप्पी तोड़ते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि उनकी खामोशी को हार न समझा जाए। लेकिन इस बयान के कुछ ही घंटों बाद पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कड़ा पलटवार करते हुए नया विवाद खड़ा कर दिया। देखें वायरल वीडियो: राघव चड्ढा बनाम सौरभ भारद्वाज  इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आम आदमी पार्टी के अंदर सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा? या यह सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है? राघव चड्ढा के बयान और सौरभ भारद्वाज के जवाब ने पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। OpenAI की 122 बिलियन डॉलर फंडिंग से AI सेक्टर में बड़ा बदलाव राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर क्या कहा? राघव चड्ढा ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि “मेरी खामोशी ...

दिल्ली आबकारी केस में बड़ा फैसला: केजरीवाल और सिसोदिया बरी

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 दिल्ली आबकारी केस में बड़ा फैसला:  केजरीवाल और सिसोदिया बरी कोर्ट ने कहा– ‘कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं’ नई दिल्ली | दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा देने वाले आबकारी नीति मामले में बड़ा न्यायिक मोड़ आया है। शुक्रवार, 27 फरवरी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित कुल 23 आरोपियों को राहत देते हुए मामले को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि “प्रथम दृष्टया किसी भी आरोपी के खिलाफ मामला नहीं बनता।” यह फैसला ऐसे समय आया है जब यह केस राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहा है और कई महीनों से सियासी बहस का विषय बना हुआ था। ⚖️ कोर्ट ने क्या कहा? विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सरकारी गवाह के बयानों के आधार पर आरोप तय करना उचित नहीं ठहराया जा सकता, खासकर तब जब आरोपों की बुनियाद ही कमजोर हो। कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि इस प्रकार के आचरण को स्वीकार किया जाता है, तो यह संवैधानिक सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन होगा। अदालत ने...