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अंतरिक्ष यात्री क्यों पहनते हैं नारंगी सूट? जानिए इसके पीछे छिपा विज्ञान, सुरक्षा और NASA का बड़ा राज

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अंतरिक्ष यात्री क्यों पहनते हैं ‘नारंगी’ सूट: सुरक्षा, विज्ञान और इतिहास की पूरी कहानी Trend2in News Desk: अंतरिक्ष यात्राएं जितनी रोमांचक दिखती हैं, उतनी ही खतरनाक भी होती हैं। हाल ही में आर्टेमिस मिशन के दौरान जब अंतरिक्ष यात्रियों को चमकीले नारंगी सूट में देखा गया, तो लोगों के मन में एक सवाल फिर उठ खड़ा हुआ—आखिर अंतरिक्ष यात्री नारंगी रंग का सूट ही क्यों पहनते हैं? क्या यह सिर्फ पहचान के लिए है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण छिपा है? इस रिपोर्ट में हम आपको इस रंग के पीछे छिपे विज्ञान, सुरक्षा और इतिहास की पूरी कहानी विस्तार से बताएंगे। नारंगी सूट का असली नाम और उपयोग जिस सूट को आम भाषा में “नारंगी स्पेस सूट” कहा जाता है, उसे तकनीकी रूप से Launch Entry Suit (LES) कहा जाता है। यह सूट अंतरिक्ष में काम करने के लिए नहीं बल्कि लॉन्च और री-एंट्री के दौरान सुरक्षा के लिए पहना जाता है। यही वह समय होता है जब सबसे ज्यादा खतरा रहता है। यह सूट अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जो किसी भी आपात स्थिति में उनकी जान बचाने के लिए डिजाइन किया गया है। क...

Artemis II Launch Update: NASA तैयार, इंसानों की चांद वापसी का काउंटडाउन शुरू, जानिए क्यों यह मिशन बदल देगा अंतरिक्ष का भविष्य

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  Trend2in News Desk | International Space Update|1 अप्रैल 2026| दुनिया एक बार फिर उस ऐतिहासिक पल के करीब पहुंच रही है, जिसका इंतजार दशकों से किया जा रहा था। अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है, और इसके केंद्र में है अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA का महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन। NASA ने अपने आधिकारिक अपडेट में संकेत दिया है कि लॉन्च की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, मौसम भी अनुकूल है और पूरी टीम रॉकेट को उड़ान के लिए तैयार करने में जुटी हुई है। यह सिर्फ एक लॉन्च नहीं, बल्कि मानव इतिहास के उस अध्याय का पुनर्लेखन है, जहां इंसान एक बार फिर चांद की ओर लौटेगा—लेकिन इस बार उद्देश्य केवल पहुंचना नहीं, बल्कि वहां टिकना है।  क्यों खास है Artemis II: सिर्फ मिशन नहीं, एक नई शुरुआत Artemis II मिशन को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। वर्ष 1972 में Apollo 17 मिशन के साथ इंसानों की चांद यात्रा का सिलसिला थम गया था। उसके बाद से करीब 50 साल तक इंसान चांद की सतह तक नहीं पहुंचा। अब Artemis प्रोग्राम के जरिए NASA इस इतिहास को बदलना चाहता है। Artemis II इस पूरे...

Space News: स्पेस में बड़ी खोज: 2500°C वाला ग्रह, चांद मिशन भी तैयार

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Space News 20 मार्च 2026: चांद मिशन से लेकर मंगल की तैयारी तक, अंतरिक्ष में बड़े अपडेट दुनिया भर की स्पेस एजेंसियों ने 20 मार्च 2026 को कई बड़े अपडेट जारी किए हैं। NASA, SpaceX, JAXA और जेम्स वेब टेलीस्कोप से जुड़े मिशनों में नई प्रगति सामने आई है, जो भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की दिशा तय कर सकती है। आज के स्पेस अपडेट: चांद मिशन, मंगल तैयारी और नए ग्रह की खोज 🚀 Artemis II मिशन की तैयारी NASA ने Artemis II मिशन के लिए फ्लाइट रेडीनेस रिव्यू पूरा कर लिया है। यह मिशन 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च हो सकता है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर उड़ान भरेंगे। SLS रॉकेट को लॉन्च पैड पर भेजने की तैयारी अंतिम चरण में है। वीडियो में देखें पूरा मिशन  🛰️ SpaceX Starship V3 टेस्ट SpaceX ने Starship V3 के ऑर्बिटल टेस्ट की पुष्टि की है। फ्लोरिडा के लॉन्च पैड 39A को एक्टिव किया गया है और साल में 24 लॉन्च का लक्ष्य रखा गया है। यह मिशन मंगल ग्रह पर भविष्य के मानव मिशन को तेज करेगा। ☄️ DART मिशन की नई खोज NASA के DART मिशन ने पुष्टि की है कि Dimorphos एस्टेरॉयड क...

NASA ने जारी की मंगल की नई तस्वीरें

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  20 साल से मंगल की निगरानी: NASA के Mars Reconnaissance Orbiter ने भेजीं नई अद्भुत तस्वीरें स्पेस न्यूज डेस्क: अंतरिक्ष अनुसंधान की दुनिया में एक बार फिर बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA का Mars Reconnaissance Orbiter (MRO) मिशन लगभग दो दशकों से मंगल ग्रह की सतह का अध्ययन कर रहा है और हाल ही में उसने मंगल की नई हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों ने वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह के भूगोल, मौसम और प्राचीन जल के संकेतों को समझने में महत्वपूर्ण मदद दी है। NASA का यह ऑर्बिटर 2005 में लॉन्च किया गया था और 2006 से मंगल की कक्षा में काम कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मंगल ग्रह पर पानी के पुराने निशानों की खोज करना और भविष्य के मानव मिशनों के लिए संभावित लैंडिंग स्थानों की पहचान करना है। 0 Mars Reconnaissance Orbiter क्या है Mars Reconnaissance Orbiter यानी MRO एक शक्तिशाली अंतरिक्ष यान है जिसे मंगल ग्रह के वातावरण, सतह और भूगर्भीय संरचना का अध्ययन करने के लिए बनाया गया है। इसे 12 अगस्त 2005 को लॉन्च किया गया था और 10 मार्च 2006 को मंगल की कक्...

Lyrid Meteor Shower 2026: आसमान में टूटते तारों की बारिश, देखने का सही समय जानिए

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अप्रैल में आसमान में दिखेगी उल्काओं की बारिश: Lyrid Meteor Shower का शानदार नज़ारा, जानिए कब और कैसे देखें Trend2in News Desk | राकेश खुडिया नई दिल्ली | 9 मार्च 2026 Skywatchers और खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए अप्रैल का महीना एक बेहद खास खगोलीय घटना लेकर आता है। इस दौरान रात के आसमान में उल्काओं की बारिश देखने को मिलती है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Lyrid Meteor Shower कहा जाता है। आम बोलचाल में लोग इसे “टूटते तारे” भी कहते हैं। हर साल अप्रैल के मध्य में दिखाई देने वाली यह उल्का वर्षा पृथ्वी के अंतरिक्ष में धूमकेतु के छोड़े हुए कणों के रास्ते से गुजरने के कारण होती है। 2026 में भी इस अद्भुत खगोलीय घटना को दुनिया भर के लोग देख सकेंगे। कब दिखाई देगी Lyrid Meteor Shower खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार Lyrid उल्का वर्षा हर साल लगभग 16 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच सक्रिय रहती है। इसका सबसे शानदार दृश्य आमतौर पर 22 और 23 अप्रैल की रात को देखने को मिलता है। इस दौरान साफ आसमान होने पर प्रति घंटे लगभग 10 से 18 उल्काएँ दिखाई दे सकती हैं। हालांकि कभी-कभी ...

मस्क का Moonbase Alpha प्लान

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चंद्रमा से AI सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी! एलन मस्क ने Moonbase Alpha का बड़ा विजन पेश किया है। अगर योजना सफल हुई तो अंतरिक्ष की दुनिया बदल सकती है। क्या है मस्क का Moonbase Alpha प्लान स्पेसएक्स और xAI के प्रमुख एलन मस्क ने चंद्रमा पर भविष्य का एक बड़ा बेस बनाने का विचार सामने रखा है, जिसे Moonbase Alpha कहा जा रहा है। इस बेस से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक की मदद से AI आधारित सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है। मस्क का मानना है कि पृथ्वी पर AI कंप्यूटिंग को तेजी से बढ़ाने की सीमाएं हैं। ऐसे में चंद्रमा पर सोलर एनर्जी से चलने वाली फैक्ट्री बनाकर अंतरिक्ष में कंप्यूटिंग यूनिट्स भेजी जा सकती हैं। यह सैटेलाइट्स डेटा प्रोसेसिंग, रिसर्च और गहरे अंतरिक्ष की खोज में काम आ सकते हैं। इस योजना में “मास ड्राइवर” नाम की मशीन अहम भूमिका निभाएगी। यह एक लंबी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेल जैसी प्रणाली होगी, जो चंद्रमा के कम गुरुत्वाकर्षण का फायदा उठाकर बिना ज्यादा ईंधन के सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेज सकती है। “अगर आपको चंद्रमा पर मास ड्राइवर बनाने का आइडिया पसंद है, तो टीम से जुड़िए।...