क्या अमेरिका-इजराइल की ईरान के खिलाफ जंग अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है? समझिए पूरा मामला
अंतरराष्ट्रीय कानून बनाम आधुनिक युद्ध: क्या अमेरिका और इज़राइल की ईरान के खिलाफ छेड़ी गई जंग वैध है? दुनिया की राजनीति में युद्ध हमेशा से मौजूद रहे हैं, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने यह कोशिश की कि युद्ध को नियमों और कानूनों के दायरे में लाया जाए। इसी उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई और अंतरराष्ट्रीय कानून के कई सिद्धांत तय किए गए। इन नियमों का मूल उद्देश्य यह था कि कोई भी देश बिना ठोस कारण के दूसरे देश की संप्रभुता का उल्लंघन न करे। आज जब मध्य पूर्व में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरें सामने आती हैं, तो एक बड़ा सवाल उठता है—क्या आधुनिक युद्ध अब भी अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर लड़े जा रहे हैं, या फिर वैश्विक राजनीति और सामरिक हितों ने इन कानूनों को कमजोर कर दिया है? संयुक्त राष्ट्र चार्टर और युद्ध की वैधता द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1945 में लागू हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में युद्ध को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए। चार्टर के अनुच्छेद 2(4) के अनुसार कोई भी देश किसी अन्य संप्रभु राज्य की क्षेत्रीय अखंडत...