Iran–Israel War: ओमान पोर्ट पर मिसाइल हमले में नागौर के युवक की मौत, क्रूड ऑयल जहाज पर कर रहा था नौकरी
Iran–Israel War: ओमान पोर्ट पर मिसाइल हमले में नागौर के युवक की मौत, क्रूड ऑयल जहाज पर कर रहा था नौकरी
विशेष रिपोर्ट | Trend2in News Desk | राजस्थान | 2026
ईरान-इजराइल युद्ध के बीच राजस्थान के युवक की मौत
मध्य पूर्व में चल रहे ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच राजस्थान के नागौर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। ओमान पोर्ट के पास एक क्रूड ऑयल जहाज पर हुए मिसाइल हमले में नागौर जिले के खींवताना गांव के रहने वाले युवक दलीप सिंह की मौत की आशंका जताई जा रही है।
दलीप सिंह एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनी के जहाज पर नौकरी करते थे और उस समय ड्यूटी पर तैनात थे जब यह हमला हुआ। घटना की सूचना मिलते ही परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
ओमान पोर्ट पर हुआ मिसाइल हमला
जानकारी के अनुसार 1 मार्च की सुबह ओमान के खासब पोर्ट के पास खड़े एक क्रूड ऑयल जहाज पर अचानक मिसाइल हमला हुआ।
बताया जा रहा है कि यह मिसाइल ईरान की ओर से दागी गई थी जो सीधे जहाज के एक हिस्से पर आकर गिरी।
हमले के बाद जहाज में आग लग गई और वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हमले के समय जहाज पर कई भारतीय और विदेशी कर्मचारी मौजूद थे।
स्काईलाइट कंपनी का था जहाज
जिस जहाज पर हमला हुआ वह स्काईलाइट कंपनी का बताया जा रहा है।
कंपनी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार हमले के समय जहाज ओमान के खासब पोर्ट के पास खड़ा था और नियमित संचालन के तहत क्रूड ऑयल परिवहन से जुड़ा हुआ था।
मिसाइल हमले के बाद जहाज को भारी नुकसान पहुंचा और जहाज के कुछ हिस्सों में आग लग गई।
कंपनी ने घटना की जानकारी संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और भारतीय अधिकारियों को भी भेजी है।
दो भारतीय कर्मचारियों की मौत
हमले में जहाज पर मौजूद दो भारतीय कर्मचारियों की मौत की खबर सामने आई है।
इनमें बिहार के रहने वाले आशीष नाम के कर्मचारी का शव बरामद कर लिया गया है।
वहीं राजस्थान के नागौर जिले के दलीप सिंह का शव अभी तक नहीं मिला है।
संभावना जताई जा रही है कि मिसाइल हमले के दौरान जहाज को हुए भारी नुकसान के कारण वे लापता हो गए।
खींवताना गांव में मातम
दलीप सिंह के परिजनों को जब इस घटना की सूचना मिली तो घर में कोहराम मच गया।
होली के त्योहार से ठीक पहले आई इस दुखद खबर से पूरे खींवताना गांव में मातम छा गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दलीप सिंह मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश में नौकरी कर रहे थे।
परिवार का इकलौता सहारा था दलीप
ग्रामीणों के अनुसार दलीप सिंह काफी समय से शिपिंग सेक्टर में काम कर रहे थे।
विदेश में नौकरी कर वे अपने परिवार की आर्थिक मदद करते थे और घर की जिम्मेदारियां निभा रहे थे।
परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि होली के बाद दलीप छुट्टी लेकर घर आने वाले थे।
लेकिन उससे पहले ही यह दुखद खबर सामने आ गई।
ईरान-इजराइल युद्ध का बढ़ता असर
मध्य पूर्व में चल रहे ईरान और इजराइल के बीच तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री परिवहन पर भी पड़ने लगा है।
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ समय से खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।
इन घटनाओं से समुद्री मार्गों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कई देशों ने अपने नागरिकों को इस क्षेत्र में सतर्क रहने की सलाह भी दी है।
सरकारी स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही
घटना के बाद भारतीय अधिकारियों द्वारा भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और शिपिंग कंपनी के संपर्क में रहकर घटना की पूरी जानकारी ली जा रही है।
परिवार के लोगों को भी आधिकारिक जानकारी मिलने का इंतजार है।
गांव और जिले में शोक की लहर
नागौर जिले के खींवताना गांव में दलीप सिंह की मौत की खबर से गहरा दुख और शोक का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि विदेश में काम करने वाले कई युवा इसी तरह समुद्री जहाजों और कंपनियों में नौकरी करते हैं।
ऐसी घटनाएं पूरे क्षेत्र के लोगों को चिंतित कर देती हैं।
गांव के लोगों ने सरकार से परिवार की मदद और घटना की जांच की मांग की है।
निष्कर्ष
ओमान पोर्ट के पास हुए इस मिसाइल हमले ने एक बार फिर दिखा दिया है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का असर आम लोगों तक कैसे पहुंचता है।
राजस्थान के एक साधारण परिवार का युवा रोजी-रोटी के लिए विदेश गया था लेकिन युद्ध की आग में उसकी जिंदगी समाप्त हो गई।
अब पूरे गांव और परिवार को सरकारी सहायता और न्याय की उम्मीद है।

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राकेश खुडिया