संदेश

National News लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं
🔴 धमाका समाचार
Loading latest news...

Bank Of Baroda 5 साल के लिए बैन: फंड लापरवाही

चित्र
बड़ी कार्रवाई: मध्य प्रदेश सरकार ने Bank of Baroda को 5 साल के लिए किया ब्लैकलिस्ट, ₹1751 करोड़ फंड मामले में बड़ा फैसला Trend2in News Desk | 29 मार्च 2026 मध्य प्रदेश सरकार ने बैंकिंग सेक्टर में बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए Bank of Baroda को 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के ₹1751 करोड़ से अधिक फंड के प्रबंधन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद की गई है। इस फैसले के बाद राज्य के किसी भी सरकारी विभाग, निगम, मंडल या विश्वविद्यालय को बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ नया वित्तीय लेन-देन करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम न केवल प्रशासनिक सख्ती का संकेत है, बल्कि सरकारी योजनाओं के फंड प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा संदेश भी है। 📌 मुख्य बिंदु: Bank of Baroda 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट ₹1751 करोड़ फंड ट्रांसफर में लापरवाही कोई सरकारी विभाग अब नया खाता/लेनदेन नहीं करेगा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से जुड़ा मामला 💼 क्या है पूरा मामला? मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री किसान कल्य...

वाल्मीकि समुदाय पर टिप्पणी से बवाल: आरोपी गिरफ्तार

चित्र
🔴 Breaking News: वाल्मीकि समुदाय पर अभद्र टिप्पणी करने वाला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वसीम रजा गिरफ्तार पीलीभीत | रिपोर्ट: रमेश लोटिया, रायसिंहनगर (पीलीभीत में वाल्मीकि समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वसीम रजा गिरफ्तार, वीडियो वायरल होने पर हुआ हंगामा।) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में वाल्मीकि समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वसीम रजा उर्फ ‘मिस्टर पीलीभीत’ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला तब सामने आया जब टाइगर रिजर्व के भ्रमण के दौरान बनाए गए एक वीडियो में उसने कथित रूप से जातिसूचक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही पूरे शहर में तनाव का माहौल बन गया और वाल्मीकि समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। 📱 वीडियो वायरल होते ही भड़का आक्रोश जानकारी के अनुसार, वसीम रजा ने हाल ही में पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) का दौरा किया था। इसी दौरान उसने अपने सोशल ...

ईरान इजरायल जंग की मार: भारत में डीजल ₹21.92 महंगा, प्रीमियम पेट्रोल भी उछला

चित्र
🔴 BREAKING मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल | इंडस्ट्रियल डीजल 21.92 रुपये प्रति लीटर महंगा | प्रीमियम पेट्रोल में 2.30 रुपये की बढ़ोतरी Trend2in National News Desk नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। ताजा अपडेट के अनुसार इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में एक झटके में 21.92 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल के दाम में भी 2.30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और कई देशों के बीच जारी संघर्ष के कारण सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में आम जनता को और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इंडस्ट्रि...

लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज

चित्र
  लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आखिरकार ध्वनिमत से खारिज हो गया। सदन की कार्यवाही के दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई और बाद में इसे आवाज मत से नकार दिया गया। सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्षता कर रहे जगदंबिका पाल ने कहा कि इस प्रस्ताव पर मतदान की आवश्यकता नहीं है और ध्वनिमत के आधार पर इसे खारिज किया जाता है। LIVE देखें: संसद की कार्यवाही अमित शाह ने दिया जवाब इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में बोलते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि संविधान में स्पीकर का पद पूरी तरह निष्पक्ष और सम्मानित माना गया है और इस पद की गरिमा को बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। अमित शाह ने कहा कि स्पीकर की नियुक्ति में विभिन्न दलों की सहमति शामिल होती है और स्पीकर किसी एक दल के नहीं बल्कि पूरे सदन के होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद की गरिमा को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि ऐसे मामलों में सदन की परंपराओं का सम्मान किया जाए। कैसे खार...

उमर खालिद को जमानत क्यों नहीं? पांच को बेल पर दो को नहीं राहत

चित्र
 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ आया है। अदालत ने कुछ आरोपियों को जमानत दे दी, लेकिन उमर खालिद को राहत नहीं मिली। आखिर ऐसा क्यों? क्या सबूत अलग हैं, या भूमिका? जानिए इस फैसले के कानूनी और राजनीतिक मायने। दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में अदालत के हालिया फैसले ने एक बार फिर बहस को तेज कर दिया है। जहां इस मामले में पांच आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, वहीं उमर खालिद को अब तक राहत नहीं मिली है। अदालत का यह निर्णय केवल एक व्यक्ति से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके कानूनी और राजनीतिक मायने भी व्यापक हैं। उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि उनके भाषणों और गतिविधियों का संबंध कथित साजिश से था। अदालत ने पिछली सुनवाई में कहा था कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है। दूसरी ओर, जिन पांच आरोपियों को जमानत मिली, उनके मामलों में अदालत ने अलग-अलग परिस्थितियों, साक्ष्यों की प्रकृति और व्यक्तिगत भूमिकाओं का उल्लेख किया। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि...