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अनूपगढ़ हादसा: गर्म पानी की रॉड से मां-बेटी की दर्दनाक मौत, बचाने गई मां भी करंट की चपेट में

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अनूपगढ़ हादसा: गर्म पानी की रॉड बनी मौत का कारण, 3 साल की बेटी को बचाने में मां ने भी गंवाई जान Trend2in News Desk | अनूपगढ़/श्रीगंगानगर | रिपोर्ट: रमेश लोटिया श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ कस्बे में एक ऐसा दर्दनाक हादसा सामने आया जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। घर में पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल की जा रही इलेक्ट्रिक रॉड अचानक मौत का कारण बन गई और कुछ ही पलों में एक मां और उसकी मासूम बेटी की जिंदगी छीन ली। यह भी पढ़ें: गेहूं खरीद में अव्यवस्था पर किसान सभा का विरोध घटना का पूरा घटनाक्रम यह हादसा अनूपगढ़ के वार्ड नंबर 34 स्थित गीता चौक क्षेत्र में हुआ। 36 वर्षीय सरोज अपने घर में बाल्टी में इलेक्ट्रिक रॉड लगाकर पानी गर्म कर रही थी। उसी समय उसकी 3 साल की बेटी दिव्यांशी पास ही खेल रही थी। खेलते-खेलते मासूम बच्ची बाल्टी के पास पहुंची और अनजाने में पानी में हाथ डाल दिया। पानी में करंट प्रवाहित होने के कारण बच्ची तुरंत चिपक गई और जोर-जोर से चीखने लगी। ममता बनी मौत का कारण बेटी की चीख सुनते ही मां सरोज दौड़कर आई और उसे बचाने के लिए तुरंत पकड़ लिया। लेकिन जैसे ही ...

घड़साना शांति नर्सिंग होम मामले में 7 लोगों को लीगल नोटिस

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  घड़साना के शांति नर्सिंग होम मामले में 7 लोगों को लीगल नोटिस, सोशल मीडिया आरोपों पर डॉक्टर की कड़ी प्रतिक्रिया रिपोर्ट: राकेश खुडिया  श्रीगंगानगर जिले के घड़साना क्षेत्र में स्थित शांति नर्सिंग होम से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगाए गए आरोपों को लेकर अब कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाया गया है। इस मामले में एडवोकेट हरिश कुमार सोनी द्वारा एक औपचारिक कानूनी नोटिस जारी किया गया है, जिसमें सात व्यक्तियों को संबोधित करते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित बयानों को लेकर आपत्ति जताई गई है। यह नोटिस 6 मार्च 2026 को जारी किया गया है और इसमें बताया गया है कि अस्पताल और चिकित्सक के खिलाफ सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह तथ्यहीन और मानहानिकारक बताए गए हैं। नोटिस में संबंधित व्यक्तियों से इन आरोपों को वापस लेने तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से बचने की चेतावनी भी दी गई है। नोटिस में किन लोगों को बनाया गया पक्ष जारी नोटिस में कुल सात व्यक्तियो...

विनम्र श्रद्धांजलि: कामरेड हेतराम बेनीवाल

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  विनम्र श्रद्धांजलि: कामरेड स्व. श्री हेतराम जी बेनीवाल  “माइक की जरूरत नहीं थी उन्हें… श्रीगंगानगर। कुछ आवाजें वक्त के साथ धीमी पड़ जाती हैं, लेकिन कुछ आवाजें इतिहास बन जाती हैं। कामरेड हेतराम बेनीवाल उन्हीं आवाजों में से एक थे। 94 वर्ष की आयु में उनके निधन के साथ राजस्थान की जनसंघर्ष राजनीति का एक जीवंत अध्याय मानो ठहर गया है। वे सिर्फ एक पूर्व विधायक नहीं थे, वे आंदोलन की धड़कन थे। कहा जाता है कि उन्हें कभी माइक्रोफोन की जरूरत नहीं पड़ी। हजारों की भीड़ के बीच खड़े होकर वे जिस आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ बोलते थे, वह उनके विचारों की शक्ति का प्रमाण था। उनकी आवाज में आक्रोश नहीं, आस्था थी — व्यवस्था बदलने की आस्था, समाज को न्याय दिलाने की आस्था। साधारण जीवन, असाधारण प्रतिबद्धता 10 जून 1934 को पंजाब के सुखचैन में जन्मे हेतराम बेनीवाल ने सादगी को जीवन का आधार बनाया। बीकानेर के डूंगर कॉलेज से एम.ए. की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने कृषि को अपना व्यवसाय चुना। लेकिन उनका मन खेत की मेड़ों से आगे, किसान के अधिकारों की लड़ाई में लगा रहा। वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सव...