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अब अदालतों में AI की एंट्री! CJI सूर्यकांत ने लॉन्च किया ‘One Case One Data’, करोड़ों लोगों की न्याय प्रक्रिया बदलने की तैयारी

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  Trend2in News Desk नई दिल्ली। भारत की अदालतों में वर्षों से लंबित पड़े करोड़ों मामलों, तारीख पर तारीख और फाइलों के बोझ के बीच अब न्याय व्यवस्था एक बड़े डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायपालिका को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘One Case One Data’ पहल और AI आधारित ‘Su Sahay’ चैटबॉट लॉन्च किया है। यह पहल सिर्फ अदालतों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भारतीय न्याय व्यवस्था में आने वाले एक बड़े तकनीकी बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। अब सवाल यह है कि आखिर यह सिस्टम क्या है, इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा और क्या वाकई इससे अदालतों में वर्षों से चली आ रही देरी कम हो पाएगी? आखिर क्या है ‘One Case One Data’ पहल? अब तक भारत की अदालतों में अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग रिकॉर्ड सिस्टम चलते रहे हैं। जिला अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस की जानकारी कई बार अलग-अलग फॉर्मेट में दर्ज होती थी। इसी समस्या को खत्म करने के लिए ‘One Case One Data’ सिस्टम तैया...

जनगणना 2027 शुरू: 1 मई से घर बैठे भरें फॉर्म, 16 मई से घर-घर सर्वे… जानें पूरा प्रोसेस

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जनगणना 2027 शुरू: 1 मई से Self Enumeration, 16 मई से घर-घर सर्वे… जानें पूरा प्रोसेस और जरूरी गाइड Trend2in News Desk | श्रीगंगानगर | जिला प्रशासन अपडेट देश में लंबे इंतजार के बाद जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार अब इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से भी होगी, जिसमें आम नागरिक खुद अपने घर बैठकर Self Enumeration कर सकेंगे। श्रीगंगानगर जिला प्रशासन ने इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 📅 जनगणना का शेड्यूल Self Enumeration: 01 मई से 15 मई 2026 पहला चरण (मकान सूचीकरण): 16 मई से 14 जून 2026 📲 Self Enumeration क्या है? Self Enumeration एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें नागरिक खुद पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और घर से संबंधित जानकारी दर्ज करते हैं। इससे जनगणना प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सटीक बनती है। 📝 Step-by-Step प्रक्रिया (Self Enumeration) 1. पोर्टल पर जाएं: https://se.census.gov.in 2. परिवार पंजीकरण करें: परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें 3. OTP सत्यापन: मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन...

Digital India की नई उड़ान: भारत के लगभग हर जिले में पहुंचा 5G नेटवर्क

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  भारत में 5G का बड़ा विस्तार: देश के 99.9% जिलों तक पहुंची सेवा, 5.23 लाख BTS स्टेशन स्थापित भारत में डिजिटल क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है और अब 5जी तकनीक देश के लगभग हर हिस्से तक पहुंच चुकी है। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। सरकार के अनुसार 28 फरवरी 2026 तक देशभर में कुल 5.23 लाख 5जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 5जी नेटवर्क अब भारत के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि 5जी तकनीक के जरिए भारत न केवल डिजिटल सेवाओं को तेज और मजबूत बना रहा है बल्कि स्वदेशी तकनीकी इकोसिस्टम को भी विकसित किया जा रहा है ताकि भविष्य की 6जी तकनीक के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके। देशभर में तेजी से फैल रहा 5G नेटवर्क भारत सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव किए हैं। 5जी तकनीक की शुरुआत के बाद देश में इंटरनेट की गति, डिजिटल सेव...

Digital Arrest Scam: RBI ने जारी की चेतावनी, फोन या वीडियो कॉल से कोई गिरफ्तारी नहीं

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RBI Alert: “डिजिटल अरेस्ट” से सावधान, RBI ने देशवासियों को भेजा WhatsApp संदेश Trend2in News Desk | राकेश खुडिया The Reserve Bank of India (RBI) has issued a nationwide alert about the rising “Digital Arrest” cyber fraud. Citizens are warned not to trust calls claiming arrest through video or phone. भारत में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नागरिकों को सतर्क करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रिजर्व बैंक ने देशभर के लोगों को व्हाट्सएप के माध्यम से एक जागरूकता संदेश भेजा है, जिसमें तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” नामक नए साइबर फ्रॉड से सावधान रहने की सलाह दी गई है। हाल के महीनों में देश के कई हिस्सों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उन्हें वीडियो कॉल या फोन कॉल के जरिए तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखने का दावा करते हैं। इसके बाद लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाने या निजी जानकारी मांगने की कोशिश की जाती है। रिजर्व बैंक ने अपने संदेश में स्पष्ट किया...

WhatsApp डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIM-Binding नियम के बीच बड़ा संदेश

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  WhatsApp डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIM-Binding नियम के बीच बड़ा संदेश विशेष रिपोर्ट | नई दिल्ली | 2026 सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता भारत में डिजिटल प्राइवेसी और मैसेजिंग ऐप्स की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हाल ही में सामने आए एक अपडेट में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि WhatsApp भारतीय नागरिकों की प्राइवेसी को हल्के में नहीं ले सकता। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो और रिपोर्ट में बताया गया कि अदालत ने डेटा सुरक्षा और उपयोगकर्ता अधिकारों को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने संकेत दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों और प्राइवेसी मानकों का पालन करना ही होगा। SIM-Binding नियम के बीच बढ़ी चर्चा यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत सरकार मैसेजिंग और इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स के लिए अनिवार्य SIM-Binding नियम लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। इस नियम के तहत WhatsApp जैसे ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उपयोगकर्ता का अकाउंट उसी सक्रिय सिम कार्ड से जुड़ा रहे जिससे उसका पंजीकरण किया गया था। सरकार का क्या है उद...