Digital India की नई उड़ान: भारत के लगभग हर जिले में पहुंचा 5G नेटवर्क
भारत में 5G का बड़ा विस्तार: देश के 99.9% जिलों तक पहुंची सेवा, 5.23 लाख BTS स्टेशन स्थापित
भारत में डिजिटल क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है और अब 5जी तकनीक देश के लगभग हर हिस्से तक पहुंच चुकी है। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
सरकार के अनुसार 28 फरवरी 2026 तक देशभर में कुल 5.23 लाख 5जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 5जी नेटवर्क अब भारत के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध है।
सरकार का कहना है कि 5जी तकनीक के जरिए भारत न केवल डिजिटल सेवाओं को तेज और मजबूत बना रहा है बल्कि स्वदेशी तकनीकी इकोसिस्टम को भी विकसित किया जा रहा है ताकि भविष्य की 6जी तकनीक के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
देशभर में तेजी से फैल रहा 5G नेटवर्क
भारत सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव किए हैं। 5जी तकनीक की शुरुआत के बाद देश में इंटरनेट की गति, डिजिटल सेवाओं और उद्योगों में नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।
सरकार का लक्ष्य था कि 5जी सेवाओं को जल्द से जल्द देश के अधिकतम क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए। इसी दिशा में काम करते हुए दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर देशभर में बड़े पैमाने पर 5जी नेटवर्क का विस्तार किया।
आज स्थिति यह है कि देश के लगभग हर जिले में 5जी नेटवर्क उपलब्ध है और लाखों उपयोगकर्ता इस तकनीक का लाभ उठा रहे हैं।
यह उपलब्धि भारत को दुनिया के उन देशों की सूची में शामिल करती है जहां 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है।
5G से बदल रहा है डिजिटल भारत
5जी तकनीक केवल तेज इंटरनेट तक सीमित नहीं है बल्कि यह कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार 5जी के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में नई तकनीकों का उपयोग संभव हो सकेगा।
उदाहरण के तौर पर टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन सलाह मिल सकेगी।
इसके अलावा प्रेसिजन एग्रीकल्चर के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक की मदद से खेती करने में सहायता मिलेगी। स्मार्ट विनिर्माण, स्मार्ट सिटी और डिजिटल शिक्षा जैसी कई योजनाओं में भी 5जी तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्वदेशी 5G टेस्ट बेड: भारत की बड़ी पहल
सरकार ने भारत में स्वदेशी तकनीक के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें शुरू की हैं। इसी कड़ी में मार्च 2018 में स्वदेशी 5जी टेस्ट बेड परियोजना को मंजूरी दी गई थी।
इस परियोजना के लिए लगभग ₹224 करोड़ का वित्तीय अनुदान दिया गया था।
इस परियोजना में देश के प्रमुख संस्थानों ने मिलकर काम किया है, जिनमें शामिल हैं:
- IIT मद्रास
- IIT दिल्ली
- IIT हैदराबाद
- IIT बॉम्बे
- IIT कानपुर
- IISc बेंगलुरु
- SAMEER
- CEWiT चेन्नई
प्रधानमंत्री द्वारा 17 मई 2022 को इस स्वदेशी 5जी टेस्ट बेड को राष्ट्र को समर्पित किया गया था।
इस पहल से भारत में 5जी तकनीक के परीक्षण और विकास को नई दिशा मिली।
देशभर में स्थापित की गईं 100 5G लैब्स
5जी तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने देशभर में 100 से अधिक 5जी लैब्स स्थापित की हैं।
इन प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए लगभग ₹97.67 करोड़ का निवेश किया गया है।
इन लैब्स में विभिन्न क्षेत्रों में 5जी तकनीक के उपयोग से जुड़े प्रयोग और शोध किए जा रहे हैं।
इन क्षेत्रों में शामिल हैं:
- स्वास्थ्य
- कृषि
- ऊर्जा
- शहरी प्रबंधन
- खनन
- पर्यटन
- सुरक्षा
- ई-गवर्नेंस
इन प्रयोगशालाओं का उद्देश्य है कि 5जी तकनीक का उपयोग समाज के विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सके।
भारत का 6G विजन
सरकार केवल 5जी तक ही सीमित नहीं है बल्कि भविष्य की तकनीकों की तैयारी भी कर रही है।
प्रधानमंत्री ने मार्च 2023 में भारत 6जी विजन दस्तावेज़ जारी किया था।
इस विजन के अनुसार भारत का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन और विकास में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो।
इसके लिए दूरसंचार विभाग ने भारत 6जी एलायंस की स्थापना भी की है।
इस गठबंधन में उद्योग, शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थान और वैश्विक संगठनों को शामिल किया गया है।
टीटीडीएफ योजना से बढ़ रहा अनुसंधान
दूरसंचार क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF) योजना शुरू की है।
यह योजना 1 अक्टूबर 2022 को शुरू की गई थी।
इस योजना का उद्देश्य दूरसंचार तकनीकों में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है।
सरकार के अनुसार फरवरी 2026 तक इस योजना के तहत 136 अनुसंधान परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
इनमें से 104 परियोजनाएं 6जी तकनीक से संबंधित हैं।
इन परियोजनाओं में क्वांटम कम्युनिकेशन, सैटेलाइट नेटवर्क, ऑप्टिकल सिस्टम और एआई आधारित नेटवर्क जैसी तकनीकों पर काम किया जा रहा है।
भारत में डिजिटल क्रांति की नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि 5जी तकनीक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
इससे स्टार्टअप, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी।
साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी।
सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से भारत को वैश्विक स्तर पर तकनीकी शक्ति बनाया जाए।

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राकेश खुडिया