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OpenAI को $122 बिलियन की फंडिंग, वैल्यूएशन $852 बिलियन—AI सेक्टर में मचा तहलका

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OpenAI को $122 बिलियन की फंडिंग, वैल्यूएशन $852 बिलियन—AI सेक्टर में मची हलचल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बड़ा धमाका हुआ है। OpenAI ने 122 बिलियन डॉलर की भारी फंडिंग जुटाई है, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन 852 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। इस निवेश ने AI सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तेज कर दी है और आने वाले समय में टेक्नोलॉजी की दिशा बदलने के संकेत दिए हैं। टेक्नोलॉजी की दुनिया में तेजी से बदलते दौर के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी OpenAI ने अपने लेटेस्ट फंडिंग राउंड में करीब 122 बिलियन डॉलर का निवेश जुटाया है। यह आंकड़ा अपने आप में बेहद बड़ा है और इससे यह साफ हो जाता है कि आने वाले समय में AI टेक्नोलॉजी का प्रभाव कितना व्यापक होने वाला है। इस निवेश के बाद OpenAI की कुल वैल्यूएशन बढ़कर 852 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। यह वैल्यूएशन कई बड़ी टेक कंपनियों के बराबर या उनसे भी ज्यादा मानी जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि AI सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।  किन कंपनियों ने किया निवेश? रिपोर्ट के ...

WhatsApp का नया फीचर: अब माता-पिता देख सकेंगे बच्चों की चैट, लॉन्च हुआ Parent-Managed Account

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  WhatsApp का नया फीचर: अब माता-पिता रख सकेंगे बच्चों की चैट पर नजर, लॉन्च हुआ ‘Parent-Managed Account’ दुनिया की सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। कंपनी ने घोषणा की है कि जल्द ही WhatsApp में “Parent-Managed Account” नाम का नया फीचर शुरू किया जाएगा, जिसकी मदद से माता-पिता अपने बच्चों के WhatsApp अकाउंट पर निगरानी रख सकेंगे। इस फीचर का उद्देश्य खासतौर पर कम उम्र के बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाना है। नई व्यवस्था के तहत बच्चों का WhatsApp अकाउंट सीधे उनके माता-पिता के अकाउंट से लिंक किया जा सकेगा। क्या है Parent-Managed Account फीचर Parent-Managed Account WhatsApp का नया सुरक्षा फीचर है जिसका मकसद बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को सुरक्षित बनाना है। इस फीचर के जरिए माता-पिता अपने बच्चों के WhatsApp अकाउंट को अपने मोबाइल नंबर या WhatsApp अकाउंट से लिंक कर सकेंगे। इसके बाद माता-पिता यह तय कर पाएंगे कि बच्चा किससे बातचीत कर सकता है, किसे मैसेज भेज सकता है और किसे नहीं। यह फीचर बच्चों को सोशल मीडिय...

Digital India की नई उड़ान: भारत के लगभग हर जिले में पहुंचा 5G नेटवर्क

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  भारत में 5G का बड़ा विस्तार: देश के 99.9% जिलों तक पहुंची सेवा, 5.23 लाख BTS स्टेशन स्थापित भारत में डिजिटल क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है और अब 5जी तकनीक देश के लगभग हर हिस्से तक पहुंच चुकी है। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। सरकार के अनुसार 28 फरवरी 2026 तक देशभर में कुल 5.23 लाख 5जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 5जी नेटवर्क अब भारत के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि 5जी तकनीक के जरिए भारत न केवल डिजिटल सेवाओं को तेज और मजबूत बना रहा है बल्कि स्वदेशी तकनीकी इकोसिस्टम को भी विकसित किया जा रहा है ताकि भविष्य की 6जी तकनीक के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके। देशभर में तेजी से फैल रहा 5G नेटवर्क भारत सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव किए हैं। 5जी तकनीक की शुरुआत के बाद देश में इंटरनेट की गति, डिजिटल सेव...

Elon Musk का बड़ा दावा: Tesla बनाएगी AGI, इंसान जैसे रोबोट में दिखेगा सुपर AI

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  Elon Musk का बड़ा दावा: Tesla बना सकती है AGI, इंसान जैसे रोबोट में दिखेगा सुपर AI टेक रिपोर्ट | Trend2in News Desk | 2026 Elon Musk का AI पर बड़ा बयान ( Elon Musk का दावा – Tesla भविष्य में AGI विकसित कर सकती है जो humanoid robots में इस्तेमाल हो सकता है) दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ तेजी से आगे बढ़ रही है और इसी बीच टेक उद्योग के प्रमुख उद्यमी Elon Musk ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। मस्क ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन और टेक्नोलॉजी कंपनी Tesla उन कंपनियों में से एक होगी जो भविष्य में Artificial General Intelligence (AGI) विकसित कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि Tesla सबसे पहले AGI को humanoid यानी इंसान जैसे रोबोट के रूप में दुनिया के सामने पेश करे। यह बयान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर एक पोस्ट के जरिए दिया। मस्क के इस बयान ने टेक और AI इंडस्ट्री में नई चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AGI वास्तव में विकसित हो जाता है, तो यह मानव इतिहास की सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धिय...

WhatsApp डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIM-Binding नियम के बीच बड़ा संदेश

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  WhatsApp डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIM-Binding नियम के बीच बड़ा संदेश विशेष रिपोर्ट | नई दिल्ली | 2026 सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता भारत में डिजिटल प्राइवेसी और मैसेजिंग ऐप्स की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हाल ही में सामने आए एक अपडेट में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि WhatsApp भारतीय नागरिकों की प्राइवेसी को हल्के में नहीं ले सकता। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो और रिपोर्ट में बताया गया कि अदालत ने डेटा सुरक्षा और उपयोगकर्ता अधिकारों को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने संकेत दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों और प्राइवेसी मानकों का पालन करना ही होगा। SIM-Binding नियम के बीच बढ़ी चर्चा यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत सरकार मैसेजिंग और इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स के लिए अनिवार्य SIM-Binding नियम लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। इस नियम के तहत WhatsApp जैसे ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उपयोगकर्ता का अकाउंट उसी सक्रिय सिम कार्ड से जुड़ा रहे जिससे उसका पंजीकरण किया गया था। सरकार का क्या है उद...
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  रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए तैनात किया गया ‘ASC ARJUN’ ह्यूमनॉइड रोबोट भारतीय रेलवे ने तैनात किए ह्यूमनॉइड रोबोट 📍 विशाखापत्तनम | 23 जनवरी 2026 | राकेश खुडिया भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर ‘ASC ARJUN’ नामक ह्यूमनॉइड रोबोट को तैनात किया गया है। यह रोबोट अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह रोबोट स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस वस्तुओं और घुसपैठ पर नजर रख सकता है। किसी भी असामान्य स्थिति में यह तुरंत आरपीएफ के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजने में सक्षम है। फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात किए जा सकते हैं।