संदेश

Trending News लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं
🔴 धमाका समाचार
Loading latest news...

राघव चड्ढा का बड़ा पलटवार: “घायल हूं इसलिए घातक हूं” बयान से AAP में मचा सियासी बवाल

चित्र
राघव चड्ढा का बड़ा पलटवार: “घायल हूं इसलिए घातक हूं”, वीडियो जारी कर आरोपों का दिया जवाब Trend2in News Desk | नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा— “घायल हूं इसलिए घातक हूं”, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में इन दिनों आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही हलचल के बीच राघव चड्ढा ने अपने विरोधियों पर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए एक दमदार फिल्मी डायलॉग का इस्तेमाल किया। “घायल हूं इसलिए घातक हूं” बना जवाब का हथियार राघव चड्ढा ने अपने वीडियो में कहा कि वे लगातार झूठे आरोपों और हमलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा— “घायल हूं इसलिए घातक हूं”, जो उनके आत्मविश्वास और आक्रामक रुख को दर्शाता है। यह डायलॉग बॉलीवुड फिल्मों के प्रभाव से प्रेरित माना जा रहा है, खासकर सनी देओल की फिल्मों “घायल” और “घातक” की शैली को दर्शाता है। 'धुरंधर' फिल्म से जु...

सीमा हैदर ने बेटे का नाम रखा ‘भारत’: नामकरण से बढ़ी बहस, धर्म और पहचान पर छिड़ी चर्चा

चित्र
Trend2in News Desk | रबूपुरा (नोएडा) नोएडा के रबूपुरा से एक बार फिर सीमा हैदर चर्चा के केंद्र में हैं। पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर ने अपने नवजात बेटे का नाम ‘भारत’ रखा है। जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छिड़ गई। यह मामला केवल एक नामकरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धर्म, पहचान, राष्ट्रवाद और सामाजिक स्वीकृति जैसे बड़े मुद्दों को भी छू गया। फरवरी 2026 में छठी बार मां बनी सीमा हैदर और उनके पति सचिन ने बेटे का नामकरण समारोह अपने निवास पर आयोजित किया। इस दौरान सीमा ने खुलकर कहा कि उन्हें हिंदू धर्म पर गर्व है और अब भारत ही उनका घर है। उनके इस बयान और बेटे के नाम ‘भारत’ रखने से यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है। Related News: AAP में बड़ा विवाद, पढ़ें पूरी खबर नामकरण समारोह और ‘भारत’ नाम की खास वजह सीमा हैदर ने बताया कि हिंदू परंपरा के अनुसार बच्चे के जन्म के बाद नामकरण संस्कार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार का दूसरा कुआं पूजन जैसा आयोजन था। इससे पहले उनकी बेटी मीरा के जन्म पर भी इसी तरह का संस्कार किया गया था।...

वित्तीय वर्ष की शुरुआत और अप्रैल फूल का अनोखा संतुलन

चित्र
  1 अप्रैल—एक ही दिन, दो बिल्कुल अलग अर्थ और दो अलग भावनाएं। एक ओर यह दिन भारत में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जहां सरकार से लेकर आम नागरिक तक अपनी आर्थिक गतिविधियों की नई रूपरेखा तय करते हैं; वहीं दूसरी ओर यही दिन ‘अप्रैल फूल’ के रूप में हल्के-फुल्के मज़ाक, हंसी और सामाजिक सहजता का प्रतीक बन जाता है। यही द्वंद्व इस दिन को खास भी बनाता है और विचार करने लायक भी—क्या एक ही दिन में इतनी गंभीरता और इतनी हल्की भावना साथ-साथ चल सकती है? और अगर चलती है, तो उसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है? भारत में 1 अप्रैल से शुरू होने वाला वित्तीय वर्ष केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आर्थिक अनुशासन का आधार है। इसी दिन से केंद्र और राज्य सरकारों के बजट प्रभावी होते हैं, टैक्स नियम लागू होते हैं और वित्तीय योजनाएं जमीन पर उतरती हैं। व्यापारी वर्ग के लिए यह नए खाते खोलने का दिन होता है, कंपनियों के लिए यह सालाना प्रदर्शन की नई शुरुआत होती है और आम लोगों के लिए यह निवेश, बचत और खर्च की नई रणनीति बनाने का अवसर होता है। एक तरह से कहें तो यह दिन आर्थिक जीवन का ‘रीसेट बटन’ है। इस दिन ...

खेत में पशु घुसने पर बदले नियम, फिर चर्चा में आया “फाटक”

चित्र
Trend2in News Desk: राकेश खुडिया| श्रीगंगानगर केंद्र सरकार द्वारा अवैध चराई से जुड़े मामलों में जेल की सजा समाप्त कर केवल जुर्माने तक सीमित करने के प्रस्ताव ने ग्रामीण भारत की एक भूली-बिसरी लेकिन बेहद प्रभावी व्यवस्था को फिर चर्चा में ला दिया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर सहित उत्तर-पश्चिमी इलाकों के गांवों में कभी “फाटक” नाम से जानी जाने वाली यह प्रणाली किसानों की सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन का मजबूत आधार हुआ करती थी। आज जब कानून में नरमी की बात हो रही है, तब सवाल उठ रहा है कि क्या आधुनिक व्यवस्था उस पारंपरिक तंत्र की बराबरी कर पाएगी, जिसने दशकों तक बिना कागजी कार्रवाई के गांवों में संतुलन बनाए रखा?  कानून में बदलाव: सजा से जुर्माने तक का सफर नए प्रस्ताव के तहत खेतों में पशु घुसाकर चराई कराने के मामलों में अब जेल की सजा को हटाकर आर्थिक दंड (जुर्माना) का प्रावधान किया जा रहा है। पहले इस तरह के मामलों में कानूनी रूप से हिरासत या जेल की सजा का विकल्प मौजूद था, हालांकि व्यवहार में इसका उपयोग बहुत कम होता था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव “डिक्रिमिनलाइजेशन” की दिशा मे...

बादशाह ने रचाई दूसरी शादी, दुल्हन बनीं पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी

चित्र
म्यूजिक इंडस्ट्री के सुपरस्टार सिंगर और रैपर बादशाह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई नया गाना या शो नहीं, बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ है। खबर है कि बादशाह ने दूसरी शादी कर ली है और उनकी दुल्हन बनी हैं पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की खूबसूरत एक्ट्रेस ईशा रिखी। यह शादी बेहद सादगी और गोपनीयता के साथ हुई, जिसकी भनक तक किसी को नहीं लगी और अब तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर सनसनी मच गई है। वायरल तस्वीरों में बादशाह दूल्हे के रूप में नजर आ रहे हैं। उन्होंने पारंपरिक अंदाज में कुर्ता-पायजामा और साफा पहना हुआ है, जबकि ईशा रिखी लाल रंग के शादी के जोड़े में बेहद खूबसूरत दिखाई दे रही हैं। दोनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है और तस्वीरों से साफ लगता है कि यह एक पारंपरिक भारतीय शादी का माहौल है। बताया जा रहा है कि इस शादी में केवल परिवार और बेहद करीबी लोग ही शामिल हुए थे, इसलिए यह पूरी तरह से निजी आयोजन रहा। बादशाह और ईशा रिखी का रिश्ता लंबे समय से चर्चा में था, लेकिन दोनों ने हमेशा अपने रिश्ते को सार्वजनिक नजरों से दूर रखा। दोनों को कई बार साथ देखा गया, लेकिन कभी भी उन्होंने अपने रिश्त...

महाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा ने बॉयफ्रेंड संग की शादी, थाने से मंदिर तक पहुंची कहानी

चित्र
  वायरल गर्ल मोनालिसा ने प्रेमी से रचाई शादी, परिवार के विरोध के बाद पहुंची पुलिस स्टेशन महाकुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई युवती मोनालिसा एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। इस बार वजह उनकी निजी जिंदगी है। खबर है कि उन्होंने अपने प्रेमी फरमान खान के साथ मंदिर में शादी कर ली है। बताया जा रहा है कि परिवार के विरोध के चलते दोनों को पुलिस स्टेशन तक पहुंचना पड़ा, जहां उन्होंने सुरक्षा की मांग की। बाद में दोनों ने मंदिर में विवाह कर लिया। सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में मोनालिसा मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली मोनालिसा महाकुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। उनकी कंजी आंखों और अलग अंदाज के कारण वे अचानक इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई थीं। वायरल होने के बाद से ही मोनालिसा कई बार खबरों में रह चुकी हैं। हाल ही में उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर नई खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। प्रेमी के साथ पुलिस स्टेशन पहुंची मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोनालिसा अपने प्रेमी फरमान खान के साथ केरल के एक पुलिस स्टेशन पहुं...

केबल टीवी नेटवर्क पर TRAI का बड़ा फैसला

चित्र
  TRAI का बड़ा फैसला: केबल टीवी और ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के ऑडिट नियम बदले, DAS Audit Framework 2026 लागू रिपोर्ट: राकेश खुडिया  नई दिल्ली, 10 मार्च 2026। भारत के दूरसंचार क्षेत्र को नियंत्रित करने वाली संस्था Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने ब्रॉडकास्टिंग और केबल सेवाओं से जुड़े डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (DAS) के ऑडिट नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए Telecommunication (Broadcasting and Cable) Services Interconnection (Addressable Systems) (Seventh Amendment) Regulations, 2026 जारी कर दिए हैं। TRAI द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार यह संशोधन केबल टीवी वितरण नेटवर्क और ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम की ऑडिट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इन नए नियमों के तहत ऑडिट प्रक्रिया की समयसीमा तय की गई है, ऑडिटर्स की जिम्मेदारी स्पष्ट की गई है और केबल ऑपरेटरों तथा ब्रॉडकास्टर्स के बीच डेटा पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। India’s telecom regulator TRAI has introduced new regulati...

टटीरी विवाद के बीच आया नया “Tateeree” गीत, यूट्यूब पर तेजी से वायरल

चित्र
  टटीरी विवाद के बीच राजस्थान से आया नया ‘Tateeree’ गीत, यूट्यूब पर तेजी से हो रहा वायरल इन दिनों सोशल मीडिया और यूट्यूब पर “टटीरी” शब्द को लेकर काफी चर्चा देखने को मिल रही है। एक ओर जहां हरियाणवी रैप और पॉप संगीत में इस शब्द को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान से एक नया लोकगीत “Tateeree Song” सामने आया है जो पूरी तरह से ग्रामीण जीवन, खेत-खलिहान और टटिहरी पक्षी की आवाज से प्रेरित है। यह गीत यूट्यूब पर रिलीज होने के बाद तेजी से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। राजस्थानी लोकसंस्कृति की झलक “Tateeree” गीत में गांव का वातावरण, खेतों की हरियाली, बस यात्रा, ग्रामीण रास्ते और खेतों में गूंजती टटिहरी पक्षी की आवाज को संगीत के माध्यम से दर्शाने की कोशिश की गई है। गीत की हुक लाइन “Tit Tu Tit Tu Bole Re” सुनने में बेहद आकर्षक है और लोकधुन की शैली में तैयार की गई है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई लोग इसे राजस्थानी लोकसंस्कृति का सकारात्मक रूप बता रहे हैं। टटीरी शब्द पर क्यों हो रहा विवाद? पिछले कुछ दिनों से “टटीरी” शब्द एक अन्य गाने को लेकर व...

आज है मिसिंग डे 2026: किसे कहेंगे ‘I Miss You’?

चित्र
Missing Day 2026: एंटी वैलेंटाइन वीक के छठे दिन आज मिसिंग डे मनाया जा रहा है। यह दिन उन लोगों के नाम होता है, जो दिल के बेहद करीब हैं लेकिन हालातों की वजह से दूर हैं। दूरी चाहे शहरों की हो या देशों की, एहसास आज और गहरा हो जाता है। वैलेंटाइन वीक के बाद शुरू होने वाले एंटी वैलेंटाइन वीक में अलग-अलग दिन अलग भावनाओं को दर्शाते हैं। स्लैप डे, किक डे और परफ्यूम डे के बाद आता है मिसिंग डे। यह दिन किसी को खोने का नहीं, बल्कि किसी को याद करने का दिन है। क्या है मिसिंग डे? मिसिंग डे उन रिश्तों के लिए खास माना जाता है, जहां लोग किसी कारणवश दूर रह रहे हैं। खासकर लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स के लिए यह दिन भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। कई बार पढ़ाई, नौकरी या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण लोग अलग-अलग शहरों में रहते हैं। ऐसे में यह दिन दिल की बात कहने का मौका देता है। इस दिन लोग अपने पार्टनर, दोस्त या किसी खास शख्स को मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताते हैं कि वे उन्हें कितना मिस कर रहे हैं। ‘I Miss You’ जैसे छोटे शब्द भी रिश्तों में नई गर्माहट ला सकते ...

लैवेंडर मैरिज क्या है? जानिए पूरा सच

चित्र
शादी, लेकिन राज छुपा हुआ? सोशल मीडिया पर इन दिनों “लैवेंडर मैरिज” शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहा है। आखिर क्या है इसका मतलब और क्यों बढ़ रही है इसकी चर्चा? क्या होती है लैवेंडर मैरिज लैवेंडर मैरिज (Lavender Marriage) उस शादी को कहा जाता है जिसमें एक पुरुष और एक महिला सामाजिक रूप से विवाह तो करते हैं, लेकिन उनमें से एक या दोनों समलैंगिक (gay या lesbian) हो सकते हैं। ऐसे मामलों में शादी का उद्देश्य प्रेम संबंध नहीं बल्कि सामाजिक स्वीकृति या पारिवारिक दबाव से बचना होता है। इस तरह की शादियों का जिक्र 20वीं सदी की शुरुआत में ज्यादा मिलता है, जब समलैंगिक होने पर समाज में भेदभाव और अस्वीकार का सामना करना पड़ता था। उस दौर में कई लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए पारंपरिक शादी कर लेते थे। लैवेंडर शब्द क्यों जुड़ा? लैवेंडर रंग को लंबे समय से LGBTQ+ समुदाय से जोड़ा जाता रहा है। इसी वजह से इस प्रकार की शादियों को “लैवेंडर मैरिज” कहा जाने लगा। आज के समय में यह शब्द सोशल मीडिया और वेब स्टोरीज़ के माध्यम से फिर चर्चा में है। आज के दौर में क्या स्थिति? अब कई देशों में समलैंगिक विवाह को कानू...