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कपास में MSP खत्म होगी? ‘भावांतर योजना’ पर वायरल खबर की सच्चाई जानिए

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क्या कपास में MSP खत्म होगी? ‘भावांतर योजना’ को लेकर सामने आई खबर की सच्चाई Trend2in News Desk | कपास खरीद नीति में बदलाव को लेकर सोशल मीडिया और व्यापारिक ग्रुप्स में एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद बंद कर ‘भावांतर योजना’ लागू करने जा रही है। इस खबर ने किसानों और व्यापारियों के बीच चिंता और जिज्ञासा दोनों बढ़ा दी है। Fact Check: MSP बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, ‘भावांतर योजना’ फिलहाल केवल चर्चा/प्रस्ताव स्तर पर है। क्या है वायरल दावा? वायरल संदेश में कहा जा रहा है कि कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) अब MSP पर कपास खरीद बंद कर देगा और उसकी जगह ‘भावांतर योजना’ लागू की जाएगी। इसके तहत किसान खुले बाजार में फसल बेचेंगे और यदि बाजार भाव MSP से कम होगा तो अंतर राशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। सरकार की क्या है आधिकारिक स्थिति? अब तक केंद्र सरकार या CCI की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक आदेश या अधिसूचना जारी नहीं हुई है, जिसमें MSP खरीद को समाप्त करने की बात कही गई हो। वर्तमान में कपास सहित क...

रायसिंहनगर में कंबाइन की चिंगारी से 8 बीघा गेहूं जला, किसान को भारी नुकसान

BREAKING रायसिंहनगर क्षेत्र में 8 बीघा गेहूं की फसल जली, कंबाइन मशीन की चिंगारी से लगी आग Trend2in News Desk से राकेश खुडिया | रायसिंहनगर | श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र के गांव 2 IWM (खींचिया) में मंगलवार सुबह गेहूं की कटाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। कंबाइन मशीन से निकली चिंगारी ने अचानक आग का रूप ले लिया, जिससे किसान की करीब 8 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। कंबाइन की चिंगारी से लगी आग, 8 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में किसान डूंगर राम अपने खेत में गेहूं की कटाई करवा रहे थे। इसी दौरान कंबाइन मशीन से निकली एक चिंगारी ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई। कुछ ही समय में आग ने पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया और लगभग 8 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। घटना के बाद किसान और आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने मिलकर पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही रायसिंहनगर से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायरमैन सोनू रतन, हनुमान सिंह और ड्राइवर अमरज...

रायसिंहनगर में बारिश से हजारों टन गेहूं खतरे में, गजसिंहपुर मंडी में बोली बंद

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रायसिंहनगर में बारिश से हजारों टन गेहूं खतरे में, गजसिंहपुर मंडी में बोली बंद, किसानों में बढ़ी चिंता Trend2in News Desk | रायसिंहनगर/गजसिंहपुर | रिपोर्ट: रमेश लोटिया श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर और गजसिंहपुर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने किसानों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा हजारों टन गेहूं भीग रहा है, जिससे अनाज के सड़ने और भारी नुकसान की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है। यह भी पढ़ें: गेहूं खरीद में अव्यवस्था पर किसानों का विरोध लगातार बारिश से बिगड़ी स्थिति पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मंडी व्यवस्था की पोल खोल दी है। रायसिंहनगर और गजसिंहपुर मंडी में खुले में रखा गेहूं लगातार भीग रहा है। मजदूर तिरपाल डालकर अनाज को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बारिश का पानी बोरियों के नीचे से घुसकर अंदर तक पहुंच रहा है, जिससे गेहूं में नमी बढ़ रही है और उसके सड़ने की संभावना बनती जा रही है। मंडी में मौजूद मजदूरों का कहना है कि वे लगातार अनाज को ढकने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार बदलते मौसम और बारिश के कारण यह प्रय...

रावलामंडी में गेहूं खरीद में अव्यवस्था को लेकर किसान सभा का विरोध, आंदोलन की चेतावनी

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गेहूं खरीद में अव्यवस्था पर किसान सभा का विरोध, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी Trend2in News Desk | रावलामंडी | रिपोर्ट: मदन घोड़ेला श्रीगंगानगर जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा की तहसील इकाई ने रावलामंडी में विरोध प्रदर्शन कर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। यह भी पढ़ें: फसल खराबा क्लेम कैसे करें? किसानों के लिए पूरी प्रक्रिया गेहूं मंडियों में पहुंचा, खरीद व्यवस्था ठप ज्ञापन में किसान सभा ने बताया कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में गेहूं की फसल बड़े स्तर पर तैयार होकर मंडियों में पहुंच रही है, लेकिन सरकारी खरीद व्यवस्था अभी तक पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण किसानों को अपनी उपज को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। Latest Update: श्रीगंगानगर बॉर्डर पर दूसरे दिन भी बड़ी कार्रवाई स्लॉट सिस्टम बना परेशानी का कारण एफसीआई और अन्य एजेंसियों द्वार...

किसान बनाम सरकार: फसल बीमा पर सवाल, मुआवजे में देरी से बढ़ी किसानों की नाराजगी

किसान बनाम सरकार: बीमा कंपनियों की भूमिका पर उठते सवाल, मुआवजे को लेकर बढ़ती नाराजगी Trend2in News Desk | रायसिंहनगर | विशेष रिपोर्ट राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में खेती केवल एक पेशा नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। लेकिन जब यही आधार बार-बार प्राकृतिक आपदाओं, प्रशासनिक देरी और बीमा कंपनियों की उदासीनता के कारण डगमगाने लगता है, तब किसान की पीड़ा एक व्यक्तिगत समस्या नहीं रह जाती—वह एक राष्ट्रीय चिंता बन जाती है। प्रस्तावना: किसान की पीड़ा या व्यवस्था की विफलता? रायसिंहनगर क्षेत्र के गांव खाटां निवासी किसान श्री राम भादू द्वारा लिखे गए एक पत्र ने इसी गंभीर मुद्दे को उजागर किया है। इस पत्र में उन्होंने सरकार और बीमा कंपनियों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं, जो न केवल स्थानीय बल्कि पूरे देश के किसानों की स्थिति को दर्शाते हैं। किसान का सवाल: “बीमा किसके लिए?” किसान राम भादू अपने पत्र में बताते हैं कि उन्होंने वर्षों तक बीमा कंपनियों के निर्देशानुसार अपनी फसलों का बीमा करवाया। लेकिन जब वास्तविक नुकसान हुआ, तब मुआवजे की प्रक्रिया या तो अधूरी रही या बेहद धीमी। उनका सब...

फसल खराब होने पर 14447 पर करें शिकायत, किसानों के लिए बड़ा अलर्ट—जानें फसल बीमा क्लेम की पूरी प्रक्रिया

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Trend2in News Desk | श्रीगंगानगर फसल खराब होने पर टोल फ्री नंबर 14447 पर करें शिकायत श्रीगंगानगर, 2 अप्रैल: जिले में बदलते मौसम के बीच किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मौसम विभाग की एडवाइजरी के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ चक्रवाती वर्षा और असामयिक बारिश का दौर जारी है। ऐसे में प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि यदि उनकी फसल खराब होती है तो वे तुरंत टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। श्रीगंगानगर में हाल ही में आई असामयिक बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई क्षेत्रों में गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में फसल बीमा क्लेम कैसे करें , यह सवाल किसानों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसान समय पर शिकायत दर्ज करवाकर नुकसान का उचित मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं। जैतसर नहर में दूषित पानी से किसानों में आक्रोश, पढ़ें पूरी खबर 72 घंटे के अंद...

रायसिंहनगर मंडी में सरसों जांच लैब की अव्यवस्था: भाकीसं

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Trend2in News Desk | रायसिंहनगर, 30 मार्च (रमेश लोटिया) रायसिंहनगर कृषि उपज मंडी में सरसों जांच लैब की अव्यवस्थाएं अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही हैं। किसानों को सरसों की जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे मंडी व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है।  किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन भारतीय किसान संघ, राजस्थान (जोधपुर प्रांत) के नेतृत्व में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में खास तौर पर सरसों जांच लैब, कृषि उपज मंडी रायसिंहनगर की अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया गया। (सरसों की लेब रिपोर्ट के लिए किसानों की लंबी कतार: प्राइवेट लेब मशीन भी लगाई जा सकती हैं।  ऐसा होता हैं तो कृषि उपज मंडी समिति, व्यापारियों की मिली भगत और लेब में हेराफेरी हो सकती है उजागर। एक मशीन का होना ही भ्रष्टाचार को हवा मिलती है। भारतीय किसान संघ इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।)  एक मशीन से जांच, किसानों को लंबा इंतजा...

खेत में पशु घुसने पर बदले नियम, फिर चर्चा में आया “फाटक”

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Trend2in News Desk: राकेश खुडिया| श्रीगंगानगर केंद्र सरकार द्वारा अवैध चराई से जुड़े मामलों में जेल की सजा समाप्त कर केवल जुर्माने तक सीमित करने के प्रस्ताव ने ग्रामीण भारत की एक भूली-बिसरी लेकिन बेहद प्रभावी व्यवस्था को फिर चर्चा में ला दिया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर सहित उत्तर-पश्चिमी इलाकों के गांवों में कभी “फाटक” नाम से जानी जाने वाली यह प्रणाली किसानों की सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन का मजबूत आधार हुआ करती थी। आज जब कानून में नरमी की बात हो रही है, तब सवाल उठ रहा है कि क्या आधुनिक व्यवस्था उस पारंपरिक तंत्र की बराबरी कर पाएगी, जिसने दशकों तक बिना कागजी कार्रवाई के गांवों में संतुलन बनाए रखा?  कानून में बदलाव: सजा से जुर्माने तक का सफर नए प्रस्ताव के तहत खेतों में पशु घुसाकर चराई कराने के मामलों में अब जेल की सजा को हटाकर आर्थिक दंड (जुर्माना) का प्रावधान किया जा रहा है। पहले इस तरह के मामलों में कानूनी रूप से हिरासत या जेल की सजा का विकल्प मौजूद था, हालांकि व्यवहार में इसका उपयोग बहुत कम होता था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव “डिक्रिमिनलाइजेशन” की दिशा मे...

श्रीगंगानगर मंडी भाव 19 मार्च 2026: विजयनगर में सरसों ₹6358, बाकी मंडियों के अपडेट जारी

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  🌾 श्रीगंगानगर मंडी भाव 19 मार्च 2026: विजयनगर सहित सभी मंडियों के ताजा रेट Trend2in News Desk श्रीगंगानगर जिले की मंडियों से आज के ताजा भाव सामने आए हैं। किसानों के लिए यह अपडेट बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि फसल की क्वालिटी और नमी के आधार पर भाव में अंतर देखने को मिल रहा है। आज श्री विजयनगर मंडी में सरसों के भाव मजबूत रहे। 📊 आज के मंडी भाव (19 मार्च 2026) 🔸 श्री विजयनगर मंडी सरसों: ₹6358 प्रति क्विंटल लैब: 39.85% Moisture: 7.00 🔸 रायसिंहनगर मंडी 👉 भाव अपडेट जारी... 🔸 श्रीगंगानगर मंडी 👉 भाव अपडेट जारी... 🔸 अनूपगढ़ मंडी 👉 भाव अपडेट जारी... 🔸 सूरतगढ़ मंडी 👉 भाव अपडेट जारी... 🔸 पदमपुर मंडी 👉 भाव अपडेट जारी... 📈 बाजार विश्लेषण आज मंडी में सरसों के भाव में मजबूती देखने को मिली है, जिसका मुख्य कारण बेहतर लैब क्वालिटी और कम नमी है। 39.85% लैब और 7% नमी के साथ किसानों को अच्छा रेट मिला है। बाजार में क्वालिटी आधारित खरीदारी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और सप्लाई संतुलि...

Rajasthan MSP Update: 1 अप्रैल से सरसों और चना की MSP पर खरीद शुरू

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  जयपुर News: राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत सरसों और चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद 1 अप्रैल 2026 से शुरू की जाएगी। इसके लिए किसानों का पंजीकरण 20 मार्च से प्रारम्भ होगा। सरकार ने किसानों से समय पर पंजीकरण कराने और निर्धारित तिथि पर ही अपनी उपज खरीद केंद्र पर लाने की अपील की है। सरसों और चना का MSP कितना तय भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफएक्यू मानकों के अनुसार चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इन दरों पर पंजीकृत किसानों से फसल की खरीद की जाएगी। 20 मार्च से शुरू होगा किसानों का पंजीकरण उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर ग्रामीण उदय दीप सिंह राठौड़ ने बताया कि सरसों और चना की खरीद के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण 20 मार्च से शुरू किया जाएगा। पंजीकृत किसानों से 1 अप्रैल से सरकारी खरीद केंद्रों पर उपज की खरीद प्रारंभ होगी। खरीद से जुड़ी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों की सुविधा के लि...

आबियाना नहीं भरने पर कार्रवाई: श्रीगंगानगर में 97 किसानों की सिंचाई पानी की बारी कटी

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  श्रीगंगानगर, 14 मार्च 2026:  (रिपोर्ट: राकेश खुडिया)  सिंचाई कर (आबियाना) जमा नहीं कराने वाले किसानों के खिलाफ जल संसाधन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र में आबियाना नहीं भरने वाले 97 किसानों की सिंचाई पानी की बारियां काट दी गई हैं । विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक कर जमा नहीं कराने वाले किसानों को आगामी सिंचाई सत्र में पानी की सुविधा नहीं मिलेगी। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नहर और माइनर से जुड़े कई किसानों की ओर सिंचाई कर बकाया चल रहा था। बार-बार सूचना देने के बावजूद कर जमा नहीं कराने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित किसानों की सिंचाई पानी की बारी बंद कर दी है। विभाग ने किसानों को 25 मार्च 2026 तक आबियाना जमा कराने की अंतिम चेतावनी दी है। यदि इस तिथि तक कर जमा नहीं किया गया तो 1 अप्रैल 2026 से सिंचाई पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी । सिंचाई पानी की बारी कटने से प्रभावित किसानों को आगामी फसलों की सिंचाई में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की ढाणियों में रहने वाले कई किसानों के ल...

जैतसर क्षेत्र में बादलों से बढ़ी किसानों की चिंता, सरसों और गेहूं की फसल खतरे में

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  मौसम के बदलते मिजाज से किसान परेशान, रबी की फसलों पर संकट के बादल! जैतसर (सीडी वर्मा) 13 मार्च 2026 क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आसमान में लगातार बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना के कारण रबी की प्रमुख फसलें गेहूं, सरसों, चना, जौ और आलू पर खतरा मंडराने लगा है। यदि इस समय बारिश होती है तो पककर तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे किसान काफी परेशान और चिंतित नजर आ रहे हैं। सरसों की कटाई में तेजी क्षेत्र में इस समय सरसों की फसल पूरी तरह पक चुकी है और कई किसानों ने इसकी कटाई भी शुरू कर दी है। मौसम विभाग द्वारा बदले हुए मौसम के संकेत मिलने के बाद किसान जल्द से जल्द फसल को सुरक्षित करने के प्रयास में जुट गए हैं। खेतों में इन दिनों सुबह से शाम तक किसानों और मजदूरों की हलचल देखी जा सकती है। किसान किसी भी संभावित बारिश से पहले अपनी फसल को खेतों से निकालकर मंडी तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। मंडी में सरसों की आवक शुरू नई धान मंडी यार्ड जैतसर में भी सरसों की आवक शुरू ह...

किसानों के लिए बड़ा फैसला: उर्वरक उद्योग को प्राकृतिक गैस सप्लाई में प्राथमिकता

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  किसानों के हित में केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: उर्वरक उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस को प्राथमिकता नई दिल्ली | 10 मार्च 2026 भारत सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उर्वरक उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस आपूर्ति को प्राथमिकता सूची में शामिल कर दिया है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार सरकार ने Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 लागू किया है। इस आदेश के तहत देश के उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी ताकि घरेलू उर्वरक उत्पादन प्रभावित न हो। उर्वरक उद्योग को मिला Priority Sector-2 का दर्जा सरकार ने उर्वरक उद्योग को प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए Priority Sector-2 श्रेणी में रखा है। इसका मतलब है कि उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता मिलेगी और उत्पादन बाधित नहीं होगा। सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना है ताकि कृषि कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रह सके। कम से कम 70% प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित सरकार के नए आदेश के अन...