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रायसिंहनगर मंडी दूसरे दिन भी बंद: गेट लॉक कर बैठे मजदूर, भीम आर्मी का समर्थन

🔴 BREAKING NEWS: रायसिंहनगर धान मंडी में दूसरे दिन भी हड़ताल जारी, गेट बंद कर बैठे मजदूर

रायसिंहनगर धान मंडी में दूसरे दिन भी हड़ताल जारी, गेट बंद कर बैठे मजदूर; भीम आर्मी का समर्थन, किसानों में बढ़ी चिंता

Trend2in News Desk से रमेश लोटिया | रायसिंहनगर | श्रीगंगानगर जिले की तहसील रायसिंहनगर में धानक समाज के मजदूरों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। धान मंडी के दोनों मुख्य गेट बंद कर दिए गए हैं, जिससे मंडी की सभी गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं।

अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर धानक समाज के मजदूरों ने काम बंद कर धरना शुरू कर रखा है। इस आंदोलन को अब व्यापक समर्थन मिलना शुरू हो गया है, जिसमें भीम आर्मी ने भी मजदूरों के समर्थन का ऐलान किया है।

मुख्य बिंदु:
✔ धान मंडी के दोनों गेट पूरी तरह बंद
✔ दूसरे दिन भी कामकाज पूरी तरह ठप
✔ भीम आर्मी ने दिया समर्थन
✔ किसानों और व्यापारियों की बढ़ी चिंता

गेट बंद, मंडी पूरी तरह ठप

धरने पर बैठे मजदूरों ने धान मंडी के दोनों प्रवेश द्वारों को पूरी तरह बंद कर दिया है, ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके। इसका सीधा असर मंडी की गतिविधियों पर पड़ा है और खरीद-बिक्री पूरी तरह रुक गई है।

मंडी में फसलों की आवक लगातार हो रही है, लेकिन काम बंद होने के कारण अनाज खुले में पड़ा है, जिससे उसके खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है।

किसानों और व्यापारियों की बढ़ी परेशानी

हड़ताल के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन गेट बंद होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।

वहीं, व्यापारियों को भी चिंता सता रही है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो व्यापार पर बड़ा असर पड़ेगा।

भीम आर्मी का समर्थन, आंदोलन को मिला बल

इस आंदोलन को और मजबूती तब मिली जब भीम आर्मी ने धानक समाज के मजदूरों को समर्थन देने का ऐलान किया। इससे आंदोलन का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

एसटी प्रमाण पत्र की मांग पर अड़े मजदूर

धानक समाज के मजदूर अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

मजदूर नेता घीसा राम भंडारिया और विनोद कायथ के नेतृत्व में यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है।

मजदूर नेताओं का कहना:
“जब तक सरकार एसटी प्रमाण पत्र जारी नहीं करती और 9 अगस्त 2019 के आदेश को रद्द नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”

दो जिलों की मंडियां प्रभावित

यह आंदोलन केवल रायसिंहनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों की कई अनाज मंडियों में भी इसका असर देखने को मिला है।

मंडियों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

सरकार और प्रशासन पर अनदेखी के आरोप

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और प्रशासन पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

मजदूरों ने चेतावनी दी है कि फिलहाल आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

निष्कर्ष

रायसिंहनगर धान मंडी में जारी यह आंदोलन अब क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि जिला स्तर का बड़ा मुद्दा बन चुका है। किसानों, व्यापारियों और मजदूरों—तीनों वर्गों पर इसका असर पड़ रहा है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति को कैसे संभालता है और कब तक इस गतिरोध का समाधान निकलता है।

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