आबियाना नहीं भरने पर कार्रवाई: श्रीगंगानगर में 97 किसानों की सिंचाई पानी की बारी कटी
श्रीगंगानगर, 14 मार्च 2026: (रिपोर्ट: राकेश खुडिया)
सिंचाई कर (आबियाना) जमा नहीं कराने वाले किसानों के खिलाफ जल संसाधन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र में आबियाना नहीं भरने वाले 97 किसानों की सिंचाई पानी की बारियां काट दी गई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक कर जमा नहीं कराने वाले किसानों को आगामी सिंचाई सत्र में पानी की सुविधा नहीं मिलेगी।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नहर और माइनर से जुड़े कई किसानों की ओर सिंचाई कर बकाया चल रहा था। बार-बार सूचना देने के बावजूद कर जमा नहीं कराने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित किसानों की सिंचाई पानी की बारी बंद कर दी है।
विभाग ने किसानों को 25 मार्च 2026 तक आबियाना जमा कराने की अंतिम चेतावनी दी है। यदि इस तिथि तक कर जमा नहीं किया गया तो 1 अप्रैल 2026 से सिंचाई पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
सिंचाई पानी की बारी कटने से प्रभावित किसानों को आगामी फसलों की सिंचाई में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की ढाणियों में रहने वाले कई किसानों के लिए यही पानी पीने और घरेलू उपयोग के लिए भी महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इस निर्णय का असर उनकी रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ सकता है।
जल संसाधन विभाग का कहना है कि सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आबियाना वसूली जरूरी है। जिन किसानों की बारियां काटी गई हैं, उनका पानी उसी चक के अन्य किसानों को दिया जाएगा ताकि उपलब्ध पानी का उपयोग व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
किसानों की सुविधा के लिए विभाग और जल उपयोगिता समितियों की ओर से अलग-अलग स्थानों पर आबियाना वसूली शिविर भी लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर आबियाना जमा कराकर सिंचाई व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाएं।

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राकेश खुडिया