रायसिंहनगर मंडी में सरसों जांच लैब की अव्यवस्था: भाकीसं
रायसिंहनगर कृषि उपज मंडी में सरसों जांच लैब की अव्यवस्थाएं अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही हैं। किसानों को सरसों की जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे मंडी व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है।
किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन
भारतीय किसान संघ, राजस्थान (जोधपुर प्रांत) के नेतृत्व में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में खास तौर पर सरसों जांच लैब, कृषि उपज मंडी रायसिंहनगर की अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया गया।
(सरसों की लेब रिपोर्ट के लिए किसानों की लंबी कतार: प्राइवेट लेब मशीन भी लगाई जा सकती हैं। ऐसा होता हैं तो कृषि उपज मंडी समिति, व्यापारियों की मिली भगत और लेब में हेराफेरी हो सकती है उजागर। एक मशीन का होना ही भ्रष्टाचार को हवा मिलती है। भारतीय किसान संघ इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।)
एक मशीन से जांच, किसानों को लंबा इंतजार
ज्ञापन में बताया गया कि सरसों जांच केंद्र में केवल एक ही मशीन उपलब्ध है, जिसके कारण किसानों को अपनी फसल की जांच के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
धीमी जांच प्रक्रिया के कारण किसानों को समय पर भुगतान और आगे की प्रक्रिया में भी देरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ता है।
मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
कृषि उपज मंडी परिसर में शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। दूर-दराज से आने वाले किसानों को इस कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान संघ की प्रमुख मांगें
- सरसों जांच लैब में अतिरिक्त मशीनें लगाई जाएं
- जांच प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए
- मंडी परिसर में शौचालय सहित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं
किसान नेतृत्व ने जताई नाराजगी
तहसील अध्यक्ष शांताराम गोदारा के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।
किसानों पर सीधा असर
सरसों जांच में देरी का असर सीधे किसानों की आय और मंडी में उनकी गतिविधियों पर पड़ रहा है। Raisinghnagar Mandi, Mustard Testing Lab, Farmer Issues जैसे मुद्दे अब प्रमुख चर्चा का विषय बन गए हैं।
समाधान की उम्मीद
किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर जल्द कार्रवाई करेगा और मंडी में व्यवस्थाओं को सुधारकर किसानों को राहत प्रदान करेगा।

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राकेश खुडिया