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जैतसर क्षेत्र में बादलों से बढ़ी किसानों की चिंता, सरसों और गेहूं की फसल खतरे में

 

मौसम के बदलते मिजाज से किसान परेशान, रबी की फसलों पर संकट के बादल!

जैतसर (सीडी वर्मा) 13 मार्च 2026

क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आसमान में लगातार बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना के कारण रबी की प्रमुख फसलें गेहूं, सरसों, चना, जौ और आलू पर खतरा मंडराने लगा है। यदि इस समय बारिश होती है तो पककर तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे किसान काफी परेशान और चिंतित नजर आ रहे हैं।



सरसों की कटाई में तेजी

क्षेत्र में इस समय सरसों की फसल पूरी तरह पक चुकी है और कई किसानों ने इसकी कटाई भी शुरू कर दी है। मौसम विभाग द्वारा बदले हुए मौसम के संकेत मिलने के बाद किसान जल्द से जल्द फसल को सुरक्षित करने के प्रयास में जुट गए हैं। खेतों में इन दिनों सुबह से शाम तक किसानों और मजदूरों की हलचल देखी जा सकती है। किसान किसी भी संभावित बारिश से पहले अपनी फसल को खेतों से निकालकर मंडी तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

मंडी में सरसों की आवक शुरू

नई धान मंडी यार्ड जैतसर में भी सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। मंडी में इन दिनों सरसों के भाव लगभग 6100 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर बताए जा रहे हैं, जिससे किसानों को कुछ राहत जरूर मिल रही है। मंडी में किसानों की आवाजाही बढ़ने लगी है और व्यापारी भी खरीद के लिए सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। यदि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले दिनों में सरसों की आवक और बढ़ने की संभावना है।

गेहूं की फसल भी पकने के करीब

दूसरी ओर गेहूं की फसल भी पकने के कगार पर पहुंच चुकी है। सामान्यतः इस क्षेत्र में गेहूं की कटाई 13 अप्रैल, वैसाखी के आसपास शुरू होती है, लेकिन इस बार मौसम के बदले हुए तेवर और तापमान में तेजी से हुई बढ़ोतरी के कारण फसल जल्दी पक रही है। किसानों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बना रहा तो मार्च के अंतिम सप्ताह से ही गेहूं की कटाई शुरू हो सकती है।

अन्य रबी फसलें भी खतरे में

चना, जौ और आलू जैसी अन्य रबी फसलें भी इस समय खेतों में तैयार अवस्था में हैं। ऐसे में यदि बारिश या तेज आंधी आती है तो इन फसलों को भी भारी नुकसान हो सकता है। किसानों का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता के कारण खेती करना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है। कभी ओलावृष्टि, कभी बारिश और कभी तेज गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचा देती है।

सरसों की गुणवत्ता पर असर का डर

किसानों का कहना है कि इस समय सबसे ज्यादा चिंता सरसों की फसल को लेकर है, क्योंकि कटाई के दौरान बारिश होने पर दाने काले पड़ सकते हैं और गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। इससे बाजार में मिलने वाला भाव भी कम हो सकता है।

किसान आसमान की ओर लगाए नजर

कुल मिलाकर मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ बना रहे ताकि उनकी मेहनत की फसल सुरक्षित घर और मंडी तक पहुंच सके। फिलहाल किसान जल्द से जल्द कटाई कर फसल को सुरक्षित करने में जुटे हुए हैं।

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