घड़साना के शांति नर्सिंग होम मामले में 7 लोगों को लीगल नोटिस, सोशल मीडिया आरोपों पर डॉक्टर की कड़ी प्रतिक्रिया रिपोर्ट: राकेश खुडिया श्रीगंगानगर जिले के घड़साना क्षेत्र में स्थित शांति नर्सिंग होम से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगाए गए आरोपों को लेकर अब कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाया गया है। इस मामले में एडवोकेट हरिश कुमार सोनी द्वारा एक औपचारिक कानूनी नोटिस जारी किया गया है, जिसमें सात व्यक्तियों को संबोधित करते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित बयानों को लेकर आपत्ति जताई गई है। यह नोटिस 6 मार्च 2026 को जारी किया गया है और इसमें बताया गया है कि अस्पताल और चिकित्सक के खिलाफ सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह तथ्यहीन और मानहानिकारक बताए गए हैं। नोटिस में संबंधित व्यक्तियों से इन आरोपों को वापस लेने तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से बचने की चेतावनी भी दी गई है। नोटिस में किन लोगों को बनाया गया पक्ष जारी नोटिस में कुल सात व्यक्तियो...
रायसिंहनगर के आर्यन विश्नोई की पहली फिल्म “ऑफलाइन” रिलीज, छोटे गांव से बड़े पर्दे तक पहुंचने की प्रेरक कहानी Trend2in News Desk | • रायसिंहनगर से रमेश लोटिया की रिपोर्ट | रायसिंहनगर क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके में गर्व और उत्साह का माहौल बना दिया है। छोटे से गांव 82 आरबी से निकलकर फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले युवा कलाकार आर्यन विश्नोई की पहली फिल्म “ऑफलाइन” रिलीज हो गई है। 3 अप्रैल 2026 को हनुमानगढ़ के AVS सिनेमा में फिल्म का पहला शो प्रदर्शित किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यह सिर्फ एक फिल्म की रिलीज नहीं, बल्कि एक सपने के साकार होने की कहानी है। एक छोटे से गांव का युवा जब बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बनाता है, तो वह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन जाता है। Related News: देखिए: offline film का फुल रिव्यू पहला शो: AVS सिनेमा में उमड़ी भीड़ हनुमानगढ़ के AVS सिनेमा में फिल्म “ऑफलाइन” का पहला शो विशेष उत्साह के साथ प्रदर्शित किया गया। इस मौके पर न सिर्फ शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग बड़ी संख्या में...
Trend2in News Desk | श्रीविजयनगर श्रीविजयनगर में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) विस्थापितों को आवंटित जमीन से जुड़े एक लंबे समय से चल रहे विवाद में उपखंड अधिकारी शकुंतला ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस फैसले में वर्षों पहले किए गए विरासतन इंतकाल को निरस्त कर दिया गया है, जिससे पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है। जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 1947 के विभाजन से जुड़ा हुआ है, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के जिला बाग की तहसील सुधनोती (पलंदरी) से कई परिवारों को विस्थापित होकर भारत आना पड़ा था। ऐसे ही एक परिवार के सदस्य अनंतराम शर्मा को भारत सरकार द्वारा विस्थापित घोषित किया गया था। उन्हें उनके परिवार के भरण-पोषण के लिए राजस्थान के श्रीविजयनगर क्षेत्र में ग्राम 3 एल.सी.(ए) के मुरब्बा नंबर 2 में 25 बीघा नहरी भूमि आवंटित की गई थी। यह आवंटन उस समय के पुनर्वास नियमों के तहत किया गया था, जिसमें यह स्पष्ट प्रावधान था कि यह भूमि केवल परिवार के भरण-पोषण के लिए दी गई है और इसके अधिकार विशेष नियमों के अनुसार ही निर्धारित होंगे। विशेष रूप से यह नियम लागू था कि परिवार की कोई महिला सदस्...
LIVE: मिडिल ईस्ट संकट | ईरान-इजरायल तनाव | वैश्विक प्रतिक्रिया Last Updated: 18 जून 2026 | समय: 11:05 PM भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार की कूटनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच स्पष्ट नीति की मांग की जा रही है। सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं हुआ है। ईरान का आधिकारिक बयान ईरान के राष्ट्रपति ने हालिया घटनाओं को गंभीर बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है। अमेरिका की चेतावनी अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व क्षेत्र में रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ओमान की खाड़ी की घटना ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। जांच एजेंसियां मामले की पुष्टि और जांच में जुटी हैं। वैश्विक बाजार पर असर विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है। Last Updated: 2 जनवरी 2026 | समय: 12:45 PM 🔴 LIVE WAR UPDATE: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर | ड्रोन वीडियो जारी | भारत ...
Trend2in News Desk: राकेश खुडिया| श्रीगंगानगर केंद्र सरकार द्वारा अवैध चराई से जुड़े मामलों में जेल की सजा समाप्त कर केवल जुर्माने तक सीमित करने के प्रस्ताव ने ग्रामीण भारत की एक भूली-बिसरी लेकिन बेहद प्रभावी व्यवस्था को फिर चर्चा में ला दिया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर सहित उत्तर-पश्चिमी इलाकों के गांवों में कभी “फाटक” नाम से जानी जाने वाली यह प्रणाली किसानों की सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन का मजबूत आधार हुआ करती थी। आज जब कानून में नरमी की बात हो रही है, तब सवाल उठ रहा है कि क्या आधुनिक व्यवस्था उस पारंपरिक तंत्र की बराबरी कर पाएगी, जिसने दशकों तक बिना कागजी कार्रवाई के गांवों में संतुलन बनाए रखा? कानून में बदलाव: सजा से जुर्माने तक का सफर नए प्रस्ताव के तहत खेतों में पशु घुसाकर चराई कराने के मामलों में अब जेल की सजा को हटाकर आर्थिक दंड (जुर्माना) का प्रावधान किया जा रहा है। पहले इस तरह के मामलों में कानूनी रूप से हिरासत या जेल की सजा का विकल्प मौजूद था, हालांकि व्यवहार में इसका उपयोग बहुत कम होता था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव “डिक्रिमिनलाइजेशन” की दिशा मे...
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राकेश खुडिया