📍 नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026
दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि बलात्कार से जुड़े मामलों में पीड़िता की पहचान किसी भी स्तर पर सार्वजनिक न की जाए। अदालत ने कहा कि पीड़िता का नाम, पता, पिता का नाम या कोई भी पहचान संबंधी जानकारी एफआईआर, चार्जशीट, अदालत के दस्तावेज़ या अन्य रिकॉर्ड में उजागर नहीं होनी चाहिए।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीड़िता की गोपनीयता और गरिमा की रक्षा कानून के तहत अनिवार्य है और इसके उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने पुलिस और जांच एजेंसियों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा है।
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राकेश खुडिया