पैक्स सिलिका गठबन्धन क्या है
भारत ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन में शामिल, AI और सेमीकंडक्टर सुरक्षा में नई वैश्विक रणनीति
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में समझौते पर हस्ताक्षर, तकनीकी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की पहल
नई दिल्ली: भारत ने ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन में शामिल होकर वैश्विक तकनीकी और आर्थिक ढांचे में अपनी भूमिका मजबूत करने का संकेत दिया है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और रणनीतिक तकनीकी सुरक्षा से जुड़ी है। विशेषज्ञ इसे 21वीं सदी की डिजिटल भू-राजनीति का अहम कदम मान रहे हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में हुए समझौते के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह सिर्फ एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का क्षण है।
क्या है ‘पैक्स सिलिका’?
‘पैक्स’ शब्द ऐतिहासिक रूप से शांति और स्थिरता का प्रतीक है, जबकि ‘सिलिका’ सिलिकॉन यानी सेमीकंडक्टर उद्योग की ओर संकेत करता है। यह गठबंधन वैश्विक स्तर पर तकनीकी आत्मनिर्भरता और सुरक्षित सप्लाई चेन के निर्माण की बहुपक्षीय पहल है।
- वैश्विक सेमीकंडक्टर उत्पादन नेटवर्क की सुरक्षा
- AI सिस्टम के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा
- महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर चिप निर्माण तक संपूर्ण टेक श्रृंखला को सुरक्षित करना
- विश्वसनीय साझेदार देशों के बीच सहयोग बढ़ाना
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
भारत सेमीकंडक्टर निर्माण और AI विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता बना चुका है। देश में चिप डिजाइन क्षमता तेजी से बढ़ रही है और नई फैब्रिकेशन इकाइयों की स्थापना पर काम चल रहा है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर उद्योग में लाखों रोजगार सृजित हो सकते हैं।
पैक्स सिलिका में शामिल होना भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में रणनीतिक भागीदार के रूप में स्थापित कर सकता है। इससे तकनीकी निवेश, अनुसंधान सहयोग और उत्पादन क्षमता में वृद्धि की संभावना है।
अमेरिका और वैश्विक संदर्भ
अमेरिकी अधिकारियों ने इस पहल को “आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा” की अवधारणा से जोड़ा है। उनका कहना है कि खनिज संसाधनों से लेकर सिलिकॉन वेफर्स और AI एल्गोरिद्म तक पूरी तकनीकी संरचना को सुरक्षित करना आवश्यक है।
पहला पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन दिसंबर 2025 में वाशिंगटन में आयोजित हुआ था, जहां साझेदार देशों ने तकनीकी सहयोग के साझा सिद्धांतों पर सहमति जताई थी।
क्यों है यह करेंट अफेयर्स में अहम?
यह विषय अंतरराष्ट्रीय संबंध, तकनीकी कूटनीति, सेमीकंडक्टर नीति, डिजिटल अर्थव्यवस्था और AI गवर्नेंस से जुड़ा है। इसलिए यह UPSC, राज्य लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निष्कर्ष
पैक्स सिलिका सिर्फ एक तकनीकी समझौता नहीं, बल्कि वैश्विक टेक शक्ति संतुलन का हिस्सा है। भारत का इसमें शामिल होना संकेत देता है कि आने वाले समय में देश AI और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को तैयार है।
राकेश खुडिया, श्री गंगानगर

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राकेश खुडिया