रूस में WhatsApp बैन
रूस में मैसेजिंग ऐप WhatsApp को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है।
सरकार ने कहा कि प्लेटफॉर्म स्थानीय नियमों का पालन नहीं कर रहा।
इस फैसले से लाखों यूजर्स पर असर पड़ सकता है।
रूस सरकार ने WhatsApp के संचालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म की मालिक कंपनी Meta रूसी कानूनों की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर रही थी। इसी वजह से सेवाओं को सीमित या ब्लॉक करने की कार्रवाई की गई।
सरकारी पक्ष का दावा है कि देश के भीतर काम करने वाली विदेशी टेक कंपनियों को डेटा, कंटेंट मॉडरेशन और स्थानीय नियमों का पालन करना जरूरी है। यदि कोई कंपनी निर्देशों का पालन नहीं करती, तो उसके खिलाफ तकनीकी और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
इस फैसले के बाद यूजर्स में असमंजस की स्थिति बन गई है। बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा की बातचीत, बिजनेस और सूचना के आदान-प्रदान के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पाबंदी से डिजिटल संचार पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी नियमन बढ़ सकता है। फिलहाल सरकार और कंपनी की ओर से आगे की बातचीत पर सभी की नजर बनी हुई है।
Quote Highlight:
"देश में काम करने वाली कंपनियों को स्थानीय कानून मानने होंगे।"

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राकेश खुडिया