Aadhaar Biometric Update Campaign: देशभर के 1.2 करोड़ स्कूली बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट, UIDAI का मिशन मोड अभियान
Aadhaar Biometric Update Campaign: देशभर के 1.2 करोड़ स्कूली बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट
विशेष रिपोर्ट | नई दिल्ली | PIB दिल्ली | 3 मार्च 2026
यूआईडीएआई का मिशन मोड अभियान
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देशभर में आधार कार्ड से जुड़े अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (Mandatory Biometric Update – MBU) अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यूआईडीएआई द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 1.2 करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों ने अपने स्कूल परिसरों में ही आधार बायोमेट्रिक अपडेट पूरा किया है।
यह अभियान पूरे देश में मिशन मोड में चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के आधार डेटा को अपडेट और सटीक बनाए रखना है।
103,000 से अधिक स्कूलों तक पहुंचा अभियान
यूआईडीएआई के अनुसार इस अभियान के तहत देशभर के 103,000 से अधिक स्कूलों में आधार सेवाएं पहुंचाई गईं। इन स्कूलों में विशेष शिविर लगाकर बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों की पहचान संबंधी जानकारी अद्यतन रहे और उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं तथा शैक्षणिक प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
UDISE+ प्रणाली से तकनीकी एकीकरण
यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) एप्लिकेशन के साथ तकनीकी एकीकरण किया।
इस तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की आधार बायोमेट्रिक अपडेट स्थिति का पता लगाया गया।
इससे यह पहचानने में मदद मिली कि किन छात्रों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट अभी बाकी है। इसके बाद संबंधित स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों का आधार अपडेट कराया गया।
राज्य सरकारों और स्कूलों का सहयोग
इस अभियान को सफल बनाने के लिए यूआईडीएआई के क्षेत्रीय और राज्य कार्यालय देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इसके अलावा जिला प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और यूआईडीएआई के इकोसिस्टम साझेदार भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इन सभी संस्थाओं के समन्वय से बच्चों के लिए स्कूल परिसर में आधार अपडेट की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाया गया।
देशभर में 4000 मशीनों से चल रहा अभियान
यूआईडीएआई ने बताया कि इस अभियान को लागू करने के लिए देशभर में कम से कम 4000 बायोमेट्रिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
इन मशीनों के माध्यम से बच्चों के फिंगरप्रिंट और आंखों के बायोमेट्रिक डेटा को अपडेट किया जा रहा है।
यूआईडीएआई इस अभियान की गति को और तेज करने के लिए इन मशीनों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया में भी है।
छात्रों को मिलने वाले लाभ
आधार बायोमेट्रिक अपडेट होने से बच्चों को कई सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में लाभ मिलता है।
- सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं में पंजीकरण
- शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ
- नीट, जेईई और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं में प्रमाणीकरण
- डिजिटल पहचान की सटीकता
यूआईडीएआई का कहना है कि आधार की अद्यतन जानकारी बच्चों के लिए भविष्य की शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में मददगार साबित होती है।
7-15 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त सेवा
यूआईडीएआई ने 1 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर एक वर्ष की अवधि के लिए 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को पूरी तरह निःशुल्क कर दिया है।
इसका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को इस प्रक्रिया से जोड़ना है ताकि देशभर में आधार डेटा की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
आधार सेवा केंद्रों पर भी उपलब्ध सुविधा
स्कूलों में आयोजित शिविरों के अलावा बच्चे देशभर में स्थित किसी भी आधार नामांकन केंद्र या आधार सेवा केंद्र पर जाकर अपना बायोमेट्रिक अपडेट करवा सकते हैं।
यूआईडीएआई ने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के आधार कार्ड की बायोमेट्रिक जानकारी समय पर अपडेट करवाएं।
डिजिटल पहचान व्यवस्था को मजबूती
सरकार का मानना है कि आधार भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
बच्चों के आधार डेटा को समय-समय पर अपडेट करना डिजिटल पहचान प्रणाली को मजबूत बनाता है और सरकारी सेवाओं के वितरण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाता है।
यूआईडीएआई का यह अभियान देशभर में डिजिटल पहचान प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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राकेश खुडिया