3 मार्च 2026 चंद्रग्रहण: जयपुर में सिर्फ 20 मिनट दिखेगा, जानें सही समय, सूतक और होली पर असर
जयपुर में केवल 20 मिनट दिखेगा 3 मार्च का चंद्रग्रहण: जानिए सही समय, सूतक कब लगेगा और होली पर क्या असर पड़ेगा
जयपुर। 3 मार्च 2026 को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण पड़ रहा है। यह ग्रहण पूर्णिमा के दिन होगा और राजधानी जयपुर में केवल लगभग 20–25 मिनट तक दिखाई देगा। ग्रहण को लेकर समय, सूतक, धार्मिक मान्यताओं और होली पर प्रभाव को लेकर लोगों में व्यापक जिज्ञासा है। यहां पूरी जानकारी विस्तार से दी जा रही है।
⏰ ग्रहण का सटीक समय (भारतीय समयानुसार)
- ग्रहण प्रारंभ: दोपहर 3:21 बजे
- मध्य चरण: शाम लगभग 5 बजे
- ग्रहण समाप्ति: शाम 6:47 बजे
- कुल अवधि: लगभग 4 घंटे 26 मिनट
🌕 जयपुर में कितना दिखेगा चंद्रग्रहण?
जयपुर में चंद्रोदय लगभग शाम 6:22 बजे होगा। ग्रहण 6:47 बजे समाप्त हो जाएगा। इस हिसाब से यहां केवल अंतिम चरण लगभग 20–25 मिनट तक ही देखा जा सकेगा।
🛕 सूतक कब लगेगा?
चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लगता है। सुबह लगभग 6:20 बजे से सूतक प्रभावी माना जाएगा।
- मंदिरों के कपाट बंद
- पूजा-पाठ वर्जित
- भोजन न बनाने की परंपरा
- गर्भवती महिलाओं को सावधानी
🎨 क्या रंग वाली होली खेले जाएंगे?
पूर्णिमा के दिन पड़ रहे ग्रहण के कारण कई स्थानों पर रंग खेलने को लेकर परंपरागत मतभेद हो सकते हैं। सूतक और ग्रहणकाल में रंग-गुलाल खेलना उचित नहीं माना जाता। स्थानीय परंपरा के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
🔭 वैज्ञानिक दृष्टि से क्या है चंद्रग्रहण?
जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्रग्रहण होता है। यह पूर्णिमा के दिन ही संभव है। इसे देखने के लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती।
🌑 क्या दिखेगा ‘ब्लड मून’?
पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई दे सकता है। जिन क्षेत्रों में पूरा चरण दिखेगा वहां हल्की लालिमा संभव है। जयपुर में सीमित समय के कारण पूरा प्रभाव देखना कठिन होगा।
🏛 मंदिरों में क्या व्यवस्था रहेगी?
अधिकांश मंदिरों में सूतक लगते ही कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण समाप्ति के बाद विशेष पूजा और शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है। जयपुर के प्रमुख मंदिरों में भी समय में बदलाव संभव है।
📌 निष्कर्ष
3 मार्च 2026 का चंद्रग्रहण खगोलीय और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। जयपुर में यह घटना केवल 20–25 मिनट दिखाई देगी। सूतक सुबह से प्रभावी रहेगा और मंदिरों में विशेष व्यवस्था लागू हो सकती है। मौसम साफ होने पर शाम को इस प्राकृतिक घटना का साक्षी बना जा सकता है।

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राकेश खुडिया