दूरदर्शन पर 'क्रिएटर्स कॉर्नर' लॉन्च, कंटेंट क्रिएटर्स को मिलेगा नया मंच
प्रसार भारती का कॉपीराइट पर सख्त पहरा, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी
नई दिल्ली | Trend2in Desk | 13 मार्च 2026
दूरदर्शन पर कंटेंट क्रिएटर्स के लिए 'क्रिएटर्स कॉर्नर' पहल
देश के सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती ने अपने प्रसारण कंटेंट के कॉपीराइट संरक्षण को लेकर स्पष्ट किया है कि उसके द्वारा निर्मित या प्रायोजित कार्यक्रमों का कॉपीराइट अधिकार संस्थान के पास ही सुरक्षित रहता है। सरकार का कहना है कि डिजिटल युग में कॉपीराइट उल्लंघन की आशंका को देखते हुए विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नियमित निगरानी की जाती है।
राज्यसभा में एक लिखित जवाब में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बताया कि हाल के समय में मीडिया निर्माण समूहों की ओर से कॉपीराइट नियमों के उल्लंघन का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है। फिर भी किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रसार भारती सतर्क निगरानी बनाए रखता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी व्यवस्था
सरकार के अनुसार कई बार व्यक्तिगत उपयोगकर्ता या छोटे डिजिटल प्लेटफॉर्म अनजाने में कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन कर सकते हैं। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए प्रसार भारती अपने कार्यक्रमों और वीडियो सामग्री पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर संबंधित कार्रवाई भी की जाती है।
इसके अलावा प्रसारण सामग्री तैयार करने वाली कंपनियों के साथ किए गए समझौतों में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सामग्री निर्माण का कार्य किसी तीसरे पक्ष को बिना अनुमति नहीं सौंपा जा सके।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नया अवसर
दूरदर्शन ने हाल ही में “क्रिएटर्स कॉर्नर” नाम से एक नई पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य देशभर के कंटेंट क्रिएटर्स को दूरदर्शन के मंच से जोड़ना और समाज से जुड़े विषयों पर रचनात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है।
इस पहल के माध्यम से ऐसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी जो भारत की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक मुद्दों और सकारात्मक कहानियों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचा सकें।
कंटेंट चयन के लिए तय किए गए मानदंड
“क्रिएटर्स कॉर्नर” के तहत कार्यक्रमों के चयन के लिए कुछ स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं। प्रस्तावित कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर होना आवश्यक है और उसे प्रसार भारती की कार्यक्रम एवं विज्ञापन संहिता के अनुरूप होना चाहिए।
इसके साथ ही कंटेंट क्रिएटर की कम से कम एक प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय डिजिटल उपस्थिति भी जरूरी है। चयनित सामग्री के लिए क्रिएटर्स को प्रसार भारती द्वारा तय दरों के अनुसार पारिश्रमिक प्रदान किया जाएगा।
डिजिटल युग में कॉपीराइट सुरक्षा पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के तेजी से विस्तार के दौर में कॉपीराइट सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रसार भारती की निगरानी व्यवस्था और नई पहलें यह सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं कि मूल सामग्री का दुरुपयोग न हो और रचनात्मक कार्य को उचित संरक्षण मिल सके।

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राकेश खुडिया