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रायसिंहनगर में भीषण आग: इलेक्ट्रॉनिक दुकान जलकर राख

रायसिंहनगर में भीषण आग से मचा हड़कंप: इलेक्ट्रॉनिक दुकान जलकर राख, दमकल और प्रशासन की तत्परता से टला बड़ा हादसा

रायसिंहनगर की तहबाजारी में देर रात इलेक्ट्रॉनिक दुकान में लगी आग को बुझाते फायर ब्रिगेड और मौके पर मौजूद पुलिस व लोग


रायसिंहनगर की तहबाजारी में देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में भीषण आग लग गई। लाखों का नुकसान हुआ, लेकिन फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।

🔸 रात 2 बजे लगी भीषण आग
🔸 लाखों का सामान जलकर राख
🔸 कई शहरों से पहुंची फायर ब्रिगेड
🔸 डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
🔸 दो फायरमैन घायल

रात के सन्नाटे में भड़की आग, मचा अफरा-तफरी का माहौल

रायसिंहनगर कस्बे में 21 मार्च 2026 की रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तहबाजारी क्षेत्र में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। घटना रात करीब 2 बजे की है, जब पूरा बाजार क्षेत्र शांत था और अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक दुकान से उठती आग की लपटों ने आसपास के लोगों को चौंका दिया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

आग इतनी तेज थी कि दुकान में रखा इलेक्ट्रॉनिक सामान, जिसमें टीवी, फ्रिज, कूलर, वायरिंग सामग्री और अन्य उपकरण शामिल थे, कुछ ही देर में जलकर राख हो गया। शुरुआती अनुमान के अनुसार लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

प्राइवेट गार्ड की सतर्कता बनी राहत की वजह

घटना के समय मौके पर तैनात प्राइवेट गार्ड सुनील खन्ना की सतर्कता ने बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने सबसे पहले आग की लपटों को देखा और बिना समय गंवाए तुरंत फायरमैन सोहनलाल को सूचना दी। समय रहते दी गई इस सूचना के कारण फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच सकी और आग को फैलने से रोका जा सका।

अगर सूचना में थोड़ी भी देरी होती तो आग आसपास की दुकानों में फैल सकती थी, जिससे नुकसान कई गुना बढ़ सकता था। तहबाजारी क्षेत्र की घनी बस्ती और संकरी गलियों को देखते हुए यह खतरा और भी ज्यादा था।

दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलते ही रायसिंहनगर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। कुछ ही समय में थाना प्रभारी आरपीएस प्रियंका मेघवाल भी पुलिस जाप्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं। उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय संभाला।

पुलिस ने मौके पर भीड़ को नियंत्रित किया और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाया, ताकि बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए। प्रशासन और फायर ब्रिगेड के बीच बेहतर तालमेल के कारण स्थिति को जल्दी नियंत्रण में लाया जा सका।

कई शहरों से मंगवाई गई अतिरिक्त फायर ब्रिगेड

आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता महसूस की गई। इसके तहत बीएसएफ फायर ब्रिगेड के साथ-साथ करनपुर, गजसिंहपुर, पदमपुर और विजयनगर से भी दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। विभिन्न स्थानों से आई फायर ब्रिगेड की टीमों ने मिलकर आग बुझाने का कार्य किया।

यह सामूहिक प्रयास इस बात का उदाहरण है कि आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय कितना जरूरी होता है। सभी टीमों ने एकजुट होकर काम किया, जिससे आग पर जल्दी काबू पाया जा सका।

पानी के टैंकर बने बड़ी राहत

आग बुझाने के दौरान पानी की भारी आवश्यकता महसूस की गई। ऐसे में करीब आधा दर्जन पानी के टैंकरों को मौके पर बुलाया गया। उल्लेखनीय बात यह रही कि एक कॉल पर ये टैंकर मात्र आधे घंटे के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गए।

टैंकरों से लगातार पानी की आपूर्ति होने के कारण आग बुझाने में काफी मदद मिली। स्थानीय टैंकर संचालकों और व्यापारियों ने भी इस कार्य में पूरा सहयोग दिया।

डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिली सफलता

करीब डेढ़ घंटे की लगातार मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों को अंदर तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, लेकिन टीमवर्क और स्थानीय लोगों के सहयोग से स्थिति को नियंत्रित किया गया।

अगर आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह आसपास की अन्य दुकानों और इमारतों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

आग बुझाने में घायल हुए फायरमैन

आग बुझाने के दौरान फायरमैन सोहनलाल और हनुमान भदौरिया को चोटें आईं। इसके बावजूद उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए कार्य जारी रखा और आग पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई।

उनकी बहादुरी और समर्पण भावना की हर कोई सराहना कर रहा है। यह घटना दर्शाती है कि आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत कर्मी किस प्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग

इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड और पुलिस का सहयोग किया, जिससे बचाव कार्यों में तेजी आई।

संकरी गलियों और घनी आबादी के बावजूद सभी ने मिलकर स्थिति को संभाला और एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

प्रशासन ने जताया आभार

घटना के बाद थाना प्रभारी आरपीएस प्रियंका मेघवाल ने आग बुझाने में सहयोग देने वाले सभी फायरमैन, पुलिस जवानों, व्यापारियों और टैंकर संचालकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया।

उन्होंने भविष्य में भी ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

🔶 संकरी गलियों में बड़ा हादसा टला

तहबाजारी क्षेत्र की संकरी गलियों और घनी दुकानों के कारण यह आग एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। लेकिन समय पर सूचना, प्रशासन की तत्परता और स्थानीय सहयोग के कारण इस संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

यह घटना एक चेतावनी भी है कि बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

📍 संवाददाता: रमेश लोटिया, रायसिंहनगर

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