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माई भारत बजट क्वेस्ट 2026 में कमाल: रायसिंहनगर के पारस शर्मा को पीएम मोदी ने सराहा

रायसिंहनगर के पारस शर्मा ने किया कमाल: माई भारत बजट क्वेस्ट 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन, पीएम मोदी ने किया सम्मानित

Trend2in News Desk से रमेश लोटिया | रायसिंहनगर (श्री गंगानगर)

श्री गंगानगर जिले के रायसिंहनगर से एक बड़ी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक युवा प्रतिभा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। रायसिंहनगर के वरिष्ठ पत्रकार गोविंद शर्मा के पुत्र पारस शर्मा को “माई भारत बजट क्वेस्ट 2026” प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर चयनित किया गया और इसके बाद उन्हें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न केवल पारस शर्मा के लिए बल्कि पूरे श्रीगंगानगर जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।

दरअसल, माई भारत बजट क्वेस्ट 2026 प्रतियोगिता देशभर के युवाओं को आर्थिक नीतियों, बजट प्रणाली और विकसित भारत के विजन से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को यह समझाना है कि देश का बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम होता है। इसी मंच के जरिए युवाओं को अपने विचार रखने, विश्लेषण करने और देश के विकास में भागीदारी निभाने का अवसर दिया गया।

इस प्रतियोगिता में देशभर से हजारों प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से पारस शर्मा का चयन राष्ट्रीय स्तर तक होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। प्रतियोगिता को तीन चरणों में आयोजित किया गया था, जिसमें पहले चरण में प्रतिभागियों से बजट और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर लिखित रूप में विचार मांगे गए। दूसरे चरण में चयनित प्रतिभागियों की तार्किक सोच और विश्लेषण क्षमता का मूल्यांकन किया गया, जबकि अंतिम चरण में प्रतिभागियों को राष्ट्रीय मंच पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

पारस शर्मा ने तीनों चरणों में शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्णायकों को प्रभावित किया। उन्होंने विकसित भारत 2047 के विजन और बजट 2026 के दृष्टिकोण पर अपने विचार बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किए। उनके विचारों में देश के आर्थिक विकास, युवाओं की भागीदारी, रोजगार के अवसर और समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से शामिल किया गया, जिससे उनकी सोच और समझ का स्तर स्पष्ट रूप से सामने आया।

राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने के बाद पारस शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर मिला, जो उनके जीवन का एक ऐतिहासिक क्षण बन गया। इतने बड़े मंच पर अपनी बात रखना किसी भी युवा के लिए गर्व की बात होती है और पारस ने इस मौके का पूरा लाभ उठाते हुए आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ अपनी प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके विचारों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं का इस तरह आगे आकर देश के विकास में अपनी भूमिका निभाना एक सकारात्मक संकेत है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर की समझ और दृष्टिकोण होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और ऐसे युवा ही देश के भविष्य को नई दिशा देंगे। पारस शर्मा को प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि के साथ-साथ अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गया है।

इस सफलता के पीछे पारस शर्मा की कड़ी मेहनत, अनुशासन और सीखने की निरंतर इच्छा का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने बजट, अर्थव्यवस्था और सरकारी नीतियों का गहराई से अध्ययन किया और अपने विचारों को तार्किक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। यही कारण है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहे।

पारस शर्मा की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता गोविंद शर्मा, जो स्वयं एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, ने अपने पुत्र की इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे शहरों के युवाओं में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता होती है, बस उन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन की जरूरत होती है।

रायसिंहनगर शहर में भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और मित्रों ने पारस शर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। इस उपलब्धि ने क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रेरित किया है कि वे भी अपने लक्ष्य को लेकर मेहनत करें और बड़े स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।

माई भारत बजट क्वेस्ट 2026 जैसी प्रतियोगिताएं युवाओं को देश की नीतियों और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे न केवल युवाओं की जागरूकता बढ़ती है, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का भी विकास होता है। यह पहल यह दर्शाती है कि आज का युवा केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी तैयार है।

पारस शर्मा की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी युवा किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकता है। रायसिंहनगर जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना और प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित होना यह दर्शाता है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती।

यह सफलता आने वाले समय में अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें यह विश्वास दिलाएगी कि वे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। पारस शर्मा की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है और यह साबित करती है कि सही दिशा में की गई मेहनत हमेशा रंग लाती है। - राकेश खुडिया 

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