रायसिंहनगर में नौकरी के नाम पर 5.60 लाख की ठगी, अदालत के आदेश पर केस दर्ज
Trend2in News Desk से रमेश लोटिया | रायसिंहनगर | श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र से एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की गई। अदालत के आदेश के बाद रायसिंहनगर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नौकरी दिलाने के नाम पर 5.60 लाख की ठगी, अदालत के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रायसिंहनगर के वार्ड नंबर 1 शास्त्री कॉलोनी निवासी कर्ण कौशिक पुत्र रविकांत कौशिक ने सादुलशहर के वार्ड नंबर 13 निवासी सुखदीप सिंह पुत्र गुरतेज सिंह और नाइयांवाली निवासी गगनदीप गोदारा के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
यह मुकदमा अदालत में दायर इस्तगासा के आधार पर दर्ज किया गया है। मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह द्वारा की जा रही है।
हॉस्टल में रहने के दौरान हुई जान-पहचान
पीड़ित कर्ण कौशिक ने बताया कि उसका रायसिंहनगर में “कौशिक पीजी” नाम से हॉस्टल संचालित है। इसी हॉस्टल में आरोपी सुखदीप सिंह करीब डेढ़ साल से रह रहा था, जिससे दोनों के बीच जान-पहचान हो गई।
इस दौरान सुखदीप सिंह ने पीड़ित को भरोसे में लेकर बताया कि उसके नाना भगवानाराम घोड़ेला बड़े प्रॉपर्टी डीलर हैं और उनकी बैंकिंग क्षेत्र में अच्छी पहचान है।
बैंक में नौकरी का झांसा देकर की ठगी
आरोपी ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि वह अपने रिश्तेदार गगनदीप घोड़ेला के माध्यम से उसे बैंक में नौकरी दिलवा सकता है। इसके बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर पीड़ित को नौकरी का लालच दिया।
कर्ण कौशिक ने बताया कि वह पहले से निजी नौकरी करता था, लेकिन बेहतर भविष्य की उम्मीद में उसने बैंक नौकरी के लिए हामी भर दी। इसी दौरान आरोपियों ने उससे अलग-अलग समय पर कुल 5 लाख 60 हजार रुपए ले लिए।
रुपए लेने के बाद मुकर गए आरोपी
पीड़ित के अनुसार, रुपए लेने के बाद आरोपियों ने उसे कोई नौकरी नहीं दिलाई और लगातार टालमटोल करते रहे। इसके अलावा उन्होंने पीड़ित के कुछ जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए।
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई परिणाम नहीं मिला, तो कर्ण कौशिक ने अपने पैसे और दस्तावेज वापस मांगे, लेकिन आरोपियों ने देने से साफ इनकार कर दिया।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
पीड़ित ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत में इस्तगासा दायर करने के बाद न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।
अब पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस जांच जारी
मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इस तरह की ठगी अन्य लोगों के साथ भी की है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
रायसिंहनगर में सामने आया यह मामला युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। नौकरी के नाम पर ठगी के ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे देना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे मामलों में हमेशा आधिकारिक प्रक्रिया और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए।
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राकेश खुडिया