श्रीगंगानगर मंडियों में बारदाने का बड़ा खेल? किसान परेशान, निजी मकान से हजारों कट्टे मिलने पर जांच की मांग
श्रीगंगानगर जिले की मंडियों में गेहूं खरीद सीजन के बीच बारदाने की कमी ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक तरफ किसान तुलाई के इंतजार में परेशान हैं, दूसरी तरफ रावला मंडी क्षेत्र में निजी मकान से हजारों खाली कट्टे मिलने की खबर ने पूरे सिस्टम को कटघरे में ला खड़ा किया है। क्या जिले में बरदाने का कृत्रिम संकट बनाया गया, क्या आवंटन व्यवस्था में गड़बड़ी हुई, और क्या अन्य मंडियों में भी ऐसा खेल चल रहा है—अब जांच की मांग तेज हो गई है। राकेश खुडिया Trend2in News Desk | श्री गंगानगर/ रावला मंडी | स्पेशल रिपोर्ट राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर को प्रदेश का अन्न भंडार कहा जाता है। यहां हर साल गेहूं, सरसों और अन्य फसलों की भारी आवक होती है। जब सरकारी खरीद शुरू होती है तो किसानों की उम्मीद रहती है कि उनकी उपज समय पर तौली जाएगी, भुगतान मिलेगा और फसल सुरक्षित तरीके से उठान होगी। लेकिन इस बार गेहूं खरीद सीजन के दौरान मंडियों में बारदाने यानी कट्टों की कमी ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला केवल देरी का नहीं, बल्कि भरोसे का बन चुका है। जिले की कई मंडियों से ...