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रायसिंहनगर में कंबाइन की चिंगारी से 8 बीघा गेहूं जला, किसान को भारी नुकसान

BREAKING रायसिंहनगर क्षेत्र में 8 बीघा गेहूं की फसल जली, कंबाइन मशीन की चिंगारी से लगी आग Trend2in News Desk से राकेश खुडिया | रायसिंहनगर | श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र के गांव 2 IWM (खींचिया) में मंगलवार सुबह गेहूं की कटाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। कंबाइन मशीन से निकली चिंगारी ने अचानक आग का रूप ले लिया, जिससे किसान की करीब 8 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। कंबाइन की चिंगारी से लगी आग, 8 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में किसान डूंगर राम अपने खेत में गेहूं की कटाई करवा रहे थे। इसी दौरान कंबाइन मशीन से निकली एक चिंगारी ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई। कुछ ही समय में आग ने पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया और लगभग 8 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। घटना के बाद किसान और आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने मिलकर पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही रायसिंहनगर से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायरमैन सोनू रतन, हनुमान सिंह और ड्राइवर अमरज...

बीएड डिग्रीधारी “घर के न घाट के”, लंबा भर्ती कैलेंडर और बार-बार परीक्षाओं से बढ़ी निराशा

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Trend2in News Desk से राकेश खुडिया | श्रीगंगानगर | प्रदेश में बीएड (B.Ed) डिग्रीधारियों के बीच बढ़ती निराशा अब खुलकर सामने आने लगी है। “घर के न घाट के” जैसी स्थिति झेल रहे हजारों युवाओं के लिए शिक्षक बनने का सपना लगातार दूर होता जा रहा है। भर्तियों में देरी, परीक्षा प्रक्रिया की जटिलता और सीटों के मुकाबले कम अवसरों ने युवाओं को गहरे संकट में डाल दिया है। बीएड डिग्रीधारी “घर के न घाट के”, लंबा भर्ती कैलेंडर और बार-बार परीक्षाओं से बढ़ी निराशा हाल के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके मुकाबले भर्तियों की रफ्तार बेहद धीमी है। लगभग 1.10 लाख सीटों के लिए अब तक करीब 70 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जबकि अंतिम तिथि अभी बाकी है। इसके बावजूद युवाओं में उत्साह की जगह चिंता और असमंजस का माहौल है। युवाओं का कहना है कि बीएड करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो पिछले 4-5 वर्षों से लगातार परीक्षाएं दे रहे हैं, फिर भी उन्हें स्थ...