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रावलामंडी में गेहूं खरीद में अव्यवस्था को लेकर किसान सभा का विरोध, आंदोलन की चेतावनी

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गेहूं खरीद में अव्यवस्था पर किसान सभा का विरोध, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी Trend2in News Desk | रावलामंडी | रिपोर्ट: मदन घोड़ेला श्रीगंगानगर जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा की तहसील इकाई ने रावलामंडी में विरोध प्रदर्शन कर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। यह भी पढ़ें: फसल खराबा क्लेम कैसे करें? किसानों के लिए पूरी प्रक्रिया गेहूं मंडियों में पहुंचा, खरीद व्यवस्था ठप ज्ञापन में किसान सभा ने बताया कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में गेहूं की फसल बड़े स्तर पर तैयार होकर मंडियों में पहुंच रही है, लेकिन सरकारी खरीद व्यवस्था अभी तक पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण किसानों को अपनी उपज को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। Latest Update: श्रीगंगानगर बॉर्डर पर दूसरे दिन भी बड़ी कार्रवाई स्लॉट सिस्टम बना परेशानी का कारण एफसीआई और अन्य एजेंसियों द्वार...

रावला मंडी क्षेत्र में हत्या: किश्त विवाद में मजदूर पर हमला, एक की मौत

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 रावला में सनसनी: किश्त विवाद में मजदूर की हत्या धारदार हथियार से हमला—एक की मौत, दूसरा गंभीर रावला, 2 अप्रैल (राकेश खुड़िया): श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। 1 बीडी क्षेत्र स्थित एक ईंट भट्टे पर किश्त के विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि धारदार हथियारों से हमला कर एक मजदूर की हत्या कर दी गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।  किश्त विवाद बना हत्या की वजह प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला एक किश्त भुगतान विवाद से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि मृतक भादर सिंह ने अपनी भाभी के आधार कार्ड पर एक फाइनेंस कंपनी से करीब 50 हजार रुपये का लोन लिया था। इस राशि को दो लोगों के बीच बांटा गया था और दोनों को तय समय पर किश्त जमा करनी थी। दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर लिखित सहमति भी बनी हुई थी कि समय पर किस्त जमा की जाएगी। लेकिन जब तय समय पर किस्त जमा नहीं हुई तो धीरे-धीरे दोनों पक्षों के...