रायसिंहनगर में जमीन विवाद पर बवाल: भू-माफिया पर मारपीट के आरोप, वीडियो वायरल के बाद भी कार्रवाई नहीं, भीम आर्मी का धरना
रायसिंहनगर में जमीन विवाद बना बड़ा संघर्ष: भू-माफिया के हमले के विरोध में भीम आर्मी का धरना, वायरल वीडियो के बावजूद कार्रवाई नहीं
Trend2in News Desk | रायसिंहनगर | रिपोर्टर: रमेश लोटिया
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर तहसील क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जमीन विवाद ने अब कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि भू-माफिया से जुड़े लोगों ने एक गरीब किसान और उसके परिवार के साथ खेत में घुसकर मारपीट की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
• खेत में घुसकर किसान परिवार से मारपीट
• घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
• पुलिस-प्रशासन पर निष्क्रियता के आरोप
• भीम आर्मी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
• आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना
खेत में मारपीट का वीडियो वायरल, फिर भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित परिवार के अनुसार, गांव 2 टी के क्षेत्र में स्थित उनकी खातेदारी भूमि पर कुछ हमलावर हथियारों के साथ पहुंचे और खेत में काम कर रहे परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ लोग जबरन खेत में घुसकर फसल काट रहे हैं और विरोध करने पर किसान परिवार के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट कर रहे हैं। इसके बावजूद पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं।
भीम आर्मी का प्रदर्शन, एसडीएम कार्यालय पर धरना
मामले की गंभीरता को देखते हुए भीम आर्मी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग एसडीएम कार्यालय रायसिंहनगर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
धरना दे रहे लोगों ने तहसीलदार हर्षिता मिड्ढा को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
क्या है पूरा जमीन विवाद का मामला
पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय जगर सिंह पुत्र मुखत्यार सिंह, निवासी 2 टी के, के नाम पर चक 2 टी के में मुरबा नंबर 72/63, 75/66 और मुरबा नंबर 05 में कुल 11.132 हेक्टेयर नहरी एवं बारानी भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है।
यह भूमि खातेदारी अधिकार के तहत वर्ष 1980 से परिवार के कब्जे में है। वर्ष 2009 में पिता के निधन के बाद यह भूमि उनके वारिसों के कब्जे में है और वे नियमित रूप से खेती कर रहे हैं।
इस भूमि को लेकर संभागीय आयुक्त, बीकानेर के न्यायालय में अपील प्रकरण संख्या 211/2024 (मेजर सिंह बनाम टीकूराम आदि) विचाराधीन है। इस मामले में न्यायालय ने दिनांक 01 दिसंबर 2026 को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे।
आरोप: प्रशासन की मौजूदगी में कटवाई गई फसल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि न्यायालय के यथास्थिति आदेश के बावजूद प्रशासन की मिलीभगत से भू-माफिया को फसल काटने की अनुमति दी गई। इस दौरान पुलिस जाप्ता भी मौजूद था और तहसीलदार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
परिवार का कहना है कि गुंडा प्रवृत्ति के लोगों को साथ लेकर जबरन फसल काटी गई और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि विवादित भूमि के अलावा अन्य जमीन की फसल भी काट ली गई।
धमकियों का भी आरोप, परिवार में डर का माहौल
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावर लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस वजह से परिवार में भय का माहौल बना हुआ है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
परिवार ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूर होकर आंदोलन को और तेज करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
21 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना
पीड़ित परिवार ने घोषणा की है कि वे 21 अप्रैल से उपजिला कलेक्टर कार्यालय रायसिंहनगर के बाहर न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
भीम आर्मी के समर्थन के साथ यह आंदोलन अब बड़ा रूप ले सकता है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
जब वीडियो वायरल है और न्यायालय का आदेश भी स्पष्ट है, तो फिर आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
क्या प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही है या कोई दबाव?
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की भूमिका को लेकर उठ रहा है। जहां एक तरफ न्यायालय का आदेश यथास्थिति बनाए रखने का था, वहीं दूसरी तरफ फसल कटवाने और मारपीट जैसी घटनाएं सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इस तरह के विवाद भविष्य में और बढ़ सकते हैं।
आगे क्या?
अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। क्या आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा? क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा? या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह लंबा खिंच जाएगा?
फिलहाल, रायसिंहनगर में यह मुद्दा एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है।

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राकेश खुडिया