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कपास में MSP खत्म होगी? ‘भावांतर योजना’ पर वायरल खबर की सच्चाई जानिए

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क्या कपास में MSP खत्म होगी? ‘भावांतर योजना’ को लेकर सामने आई खबर की सच्चाई Trend2in News Desk | कपास खरीद नीति में बदलाव को लेकर सोशल मीडिया और व्यापारिक ग्रुप्स में एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद बंद कर ‘भावांतर योजना’ लागू करने जा रही है। इस खबर ने किसानों और व्यापारियों के बीच चिंता और जिज्ञासा दोनों बढ़ा दी है। Fact Check: MSP बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, ‘भावांतर योजना’ फिलहाल केवल चर्चा/प्रस्ताव स्तर पर है। क्या है वायरल दावा? वायरल संदेश में कहा जा रहा है कि कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) अब MSP पर कपास खरीद बंद कर देगा और उसकी जगह ‘भावांतर योजना’ लागू की जाएगी। इसके तहत किसान खुले बाजार में फसल बेचेंगे और यदि बाजार भाव MSP से कम होगा तो अंतर राशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। सरकार की क्या है आधिकारिक स्थिति? अब तक केंद्र सरकार या CCI की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक आदेश या अधिसूचना जारी नहीं हुई है, जिसमें MSP खरीद को समाप्त करने की बात कही गई हो। वर्तमान में कपास सहित क...

छोटे शहर की बड़ी उड़ान: दिया शर्मा ने CBSE 10वीं में 93% हासिल कर सबको किया गर्वि

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BREAKING NEWS सीबीएसई 10वीं में दिया शर्मा ने 93% अंक प्राप्त कर बढ़ाया रायसिंहनगर का मान CBSE 10वीं में दिया शर्मा का कमाल, 93% अंक लाकर बढ़ाया रायसिंहनगर का गौरव Trend2in News Desk से रमेश लोटिया | रायसिंहनगर | श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर से एक गर्व और प्रेरणा देने वाली खबर सामने आई है, जहां सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में दिया शर्मा ने 93% अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। दिया शर्मा, रायसिंहनगर मुख्य बातें: ✔ CBSE 10वीं में 93% अंक ✔ परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन ✔ मेहनत और अनुशासन का शानदार उदाहरण मेहनत और लगन से हासिल की बड़ी सफलता दिया शर्मा ने अपनी इस उपलब्धि से यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपनी तैयारी की, जिसका परिणाम आज पूरे क्षेत्र के सामने एक मिसाल बनकर सामने आया है। यह सफलता केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन मूल्यों और संस्कारों का भी प्रतीक है, जो उन्हें अपने परिवार और ...

श्रीगंगानगर पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 35 लाख के 138 मोबाइल बरामद, कई राज्यों से ट्रेस

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श्रीगंगानगर पुलिस का बड़ा एक्शन: 35 लाख के 138 मोबाइल बरामद, कई राज्यों से ट्रेस कर लौटाए मालिकों को Trend2in News Desk से रमेश लोटिया | रायसिंहनगर | राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है, जहां जिला पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर आम लोगों को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने करीब 35 लाख रुपए की कीमत के 138 मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया। मुख्य बातें: ✔ 138 मोबाइल फोन बरामद ✔ कुल कीमत लगभग 35 लाख रुपए ✔ कई राज्यों से ट्रेस किए गए मोबाइल ✔ CEIR पोर्टल से मिली बड़ी सफलता CEIR पोर्टल से मिली सफलता, 12 मार्च से चला अभियान श्रीगंगानगर पुलिस ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से संभव हो पाई। इस पोर्टल पर दर्ज गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने के लिए 12 मार्च 2026 से एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल अपने जिले बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय नेटवर्क के जरिए मोबाइल फो...

बीएड डिग्रीधारी “घर के न घाट के”, लंबा भर्ती कैलेंडर और बार-बार परीक्षाओं से बढ़ी निराशा

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Trend2in News Desk से राकेश खुडिया | श्रीगंगानगर | प्रदेश में बीएड (B.Ed) डिग्रीधारियों के बीच बढ़ती निराशा अब खुलकर सामने आने लगी है। “घर के न घाट के” जैसी स्थिति झेल रहे हजारों युवाओं के लिए शिक्षक बनने का सपना लगातार दूर होता जा रहा है। भर्तियों में देरी, परीक्षा प्रक्रिया की जटिलता और सीटों के मुकाबले कम अवसरों ने युवाओं को गहरे संकट में डाल दिया है। बीएड डिग्रीधारी “घर के न घाट के”, लंबा भर्ती कैलेंडर और बार-बार परीक्षाओं से बढ़ी निराशा हाल के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके मुकाबले भर्तियों की रफ्तार बेहद धीमी है। लगभग 1.10 लाख सीटों के लिए अब तक करीब 70 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जबकि अंतिम तिथि अभी बाकी है। इसके बावजूद युवाओं में उत्साह की जगह चिंता और असमंजस का माहौल है। युवाओं का कहना है कि बीएड करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो पिछले 4-5 वर्षों से लगातार परीक्षाएं दे रहे हैं, फिर भी उन्हें स्थ...

रावला मंडी में चोरी करती दो महिलाएं कैमरे में कैद हुई

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Trend2in News Desk से राकेश खुडिया | रावला मंडी | श्री गंगानगर जिले की रावला मंडी में दिनदहाड़े चोरी की कोशिश का एक मामला सामने आया है, जहां कपड़े की दुकान में आई दो महिलाओं को दुकानदारों ने सतर्कता दिखाते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। घटना के बाद पूरे बाजार में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। खास बात यह रही कि पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिससे घटना का पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो गया है। रावला मंडी में दिनदहाड़े चोरी की कोशिश नाकाम, दुकानदारों की सतर्कता से पकड़ी गईं महिलाएं प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं सामान्य ग्राहक बनकर कपड़े की दुकान में दाखिल हुईं। शुरुआत में उन्होंने अन्य ग्राहकों की तरह कपड़े देखने का नाटक किया और दुकानदार को भ्रमित करने का प्रयास किया। कुछ देर बाद उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए कपड़ों का एक बंडल चुपचाप अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। दुकानदार को महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसने बिना किसी हड़बड़ी के उन पर नजर बनाए रखी। जैसे ही महिलाएं कपड़ों का बंडल लेकर दुकान से बाहर निकलने लगीं, दुक...

गजसिंहपुर: धानका जाति में ‘ण’ और ‘न’ का विवाद गरमाया, प्रमाण पत्र रोकने पर आंदोलन तेज

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श्रीगंगानगर जिले के गजसिंहपुर क्षेत्र में धानका समाज द्वारा जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो 15 अप्रैल से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों की सभी अनाज मंडियों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। धानका समाज के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को विस्तार से रखा। ज्ञापन में बताया गया कि लंबे समय से समाज के लोग जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। समाज के लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द समाधान की मांग की है। लंबे समय से जारी है आंदोलन समाज के अनुसार, यह आंदोलन कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि पिछले कई महीनों से यह मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है। बताया गया कि 11 अगस्त से हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट के सामने समाज के लोग लगातार धरना द...

क्या सच में गेहूं छोड़ना जरूरी है? जानिए स्वास्थ्य और आहार का पूरा सच

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Trend2in News Desk भारतीय खानपान में गेहूं सदियों से एक अहम हिस्सा रहा है। सुबह की रोटी से लेकर रात के भोजन तक, गेहूं हमारी थाली की पहचान बन चुका है। लेकिन हाल के वर्षों में एक सवाल बार-बार उठता है—क्या गेहूं वास्तव में हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो गया है? क्या इसे पूरी तरह छोड़ देना चाहिए, या यह केवल एक अतिरंजित धारणा है? यह सवाल केवल खानपान का नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली, स्वास्थ्य और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। गेहूं: परंपरा से पोषण तक भारत में गेहूं केवल भोजन नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है। उत्तर भारत में रोटी, पराठा, दलिया और कई पारंपरिक व्यंजन गेहूं से बनाए जाते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है। गेहूं में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, आयरन और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाए जाते हैं। खासतौर पर साबुत गेहूं पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक भूख को नियंत्रित करता है। यही कारण है कि यह संतुलित आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। आधुनिक गेहूं में क्या बदला? समय के साथ कृषि तकनीकों में बदलाव आया है। हाई-यील...