रायसिंहनगर में आबकारी विभाग पर गंभीर सवाल! प्रेम ‘राज’ की छत्रछाया में चल रहीं अवैध शराब ब्रांचें
श्रीगंगानगर जिले की रायसिंहनगर तहसील से शराब कारोबार और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि शहर में लंबे समय से अवैध शराब ब्रांचें संचालित हो रही हैं और इन पर कार्रवाई के बजाय संरक्षण दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण बिना स्वीकृति और बिना निर्धारित लोकेशन के शराब बिक्री का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है।
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतें और पोस्ट वायरल हो रही हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो पुलिस विभाग कोई ठोस कार्रवाई कर रहा है और न ही आबकारी विभाग अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण करता दिखाई दे रहा है। इस पूरे मामले में सबसे अधिक चर्चा आबकारी विभाग के एक अधिकारी प्रेम ‘राज’ के नाम को लेकर हो रही है, जिन पर अवैध ब्रांचों को संरक्षण देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
बस स्टैंड के सामने अवैध शराब दुकान चलने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि रायसिंहनगर बस स्टैंड के सामने लंबे समय से शराब की एक दुकान संचालित हो रही है, जिस पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यह दुकान निर्धारित स्वीकृत लोकेशन पर नहीं है और इसके संचालन को लेकर कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं।
लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये के शराब कारोबार से जुड़ी इस दुकान के खिलाफ कार्रवाई इसलिए नहीं हो रही क्योंकि इसे कथित तौर पर विभागीय संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि शिकायतों और सोशल मीडिया पर मुद्दा उठने के बाद भी कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती है।
रायसिंहनगर के कई नागरिकों का कहना है कि शहर में शराब बिक्री के नाम पर खुलेआम नियमों की अनदेखी हो रही है। कुछ स्थानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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ओवररेटिंग को लेकर लोगों में नाराजगी
रायसिंहनगर क्षेत्र में शराब दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई दुकानों पर प्रिंट रेट से ऊपर पैसे लिए जाते हैं और विरोध करने पर ग्राहकों से अभद्र व्यवहार किया जाता है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि देर रात और भीड़भाड़ वाले समय में शराब की बोतलों पर खुलेआम ओवररेटिंग की जाती है। कई बार ग्राहकों ने शिकायत भी की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी अन्य व्यापार में नियमों का उल्लंघन होता है तो तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन शराब कारोबार में शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
पहले भी पड़े थे छापे, लेकिन कार्रवाई अधूरी?
जानकारी के अनुसार कुछ माह पहले आबकारी विभाग ने रायसिंहनगर क्षेत्र की कई कथित अवैध ब्रांचों पर छापेमारी की थी। उस समय विभाग की कार्रवाई चर्चा में रही थी और लोगों को उम्मीद जगी थी कि अवैध शराब कारोबार पर लगाम लगेगी।
हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआती कार्रवाई के बाद मामला धीरे-धीरे ठंडा पड़ गया। जिन ब्रांचों पर कार्रवाई हुई थी, उनमें से कुछ जगहों पर दोबारा गतिविधियां शुरू होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इसी कारण अब सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई थी। कई लोग यह भी पूछ रहे हैं कि यदि शिकायतें लगातार मिल रही हैं तो फिर स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जा रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आरोप
रायसिंहनगर में शराब कारोबार को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट वायरल हो रही हैं। कई स्थानीय यूजर्स ने कथित अवैध शराब बिक्री, ओवररेटिंग और विभागीय मिलीभगत को लेकर पोस्ट साझा की हैं।
कुछ पोस्ट में आबकारी विभाग के अधिकारियों पर संरक्षण देने तक के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ती चर्चाओं ने प्रशासन पर दबाव जरूर बढ़ा दिया है।
लोगों का कहना है कि यदि सोशल मीडिया पर बार-बार एक ही तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
Trend2in Ground Analysis
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में शराब कारोबार हमेशा से संवेदनशील विषय रहा है। कई बार अवैध बिक्री, ओवररेटिंग और बिना अनुमति संचालित ब्रांचों की शिकायतें सामने आती रही हैं। लेकिन जब ऐसे मामलों में विभागीय मिलीभगत के आरोप लगते हैं, तब मामला और गंभीर हो जाता है।
रायसिंहनगर का यह मामला केवल शराब बिक्री तक सीमित नहीं दिखाई देता, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है। यदि शहर में लंबे समय से बिना स्वीकृति या विवादित लोकेशन पर शराब बिक्री हो रही है, तो संबंधित विभागों की भूमिका पर जांच होना स्वाभाविक माना जाएगा।
आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता ओवररेटिंग और कथित संरक्षण को लेकर है। लोगों का कहना है कि यदि नियम केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे तो आम उपभोक्ता लगातार आर्थिक नुकसान उठाते रहेंगे।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
कई स्थानीय नागरिकों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि शहर में कुछ शराब दुकानों और ब्रांचों को लेकर लंबे समय से शिकायतें हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बाद भी कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई।
कुछ लोगों का यह भी कहना है कि शराब की अवैध बिक्री का असर युवाओं पर पड़ रहा है। आसानी से उपलब्धता और देर रात तक बिक्री को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
वहीं कुछ सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और ओवररेटिंग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
रायसिंहनगर में सामने आए इन आरोपों के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और आबकारी विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच होती है तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है that यदि वास्तव में बिना स्वीकृति शराब ब्रांचें संचालित हो रही हैं और लोगों से अधिक कीमत वसूली जा रही है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की दिशा इस पूरे मामले की तस्वीर और साफ कर सकती है।
Trend2in इस मामले से जुड़ी हर बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।

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राकेश खुडिया