श्रीगंगानगर पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 35 लाख के 138 मोबाइल बरामद, कई राज्यों से ट्रेस
श्रीगंगानगर पुलिस का बड़ा एक्शन: 35 लाख के 138 मोबाइल बरामद, कई राज्यों से ट्रेस कर लौटाए मालिकों को
✔ 138 मोबाइल फोन बरामद
✔ कुल कीमत लगभग 35 लाख रुपए
✔ कई राज्यों से ट्रेस किए गए मोबाइल
✔ CEIR पोर्टल से मिली बड़ी सफलता
CEIR पोर्टल से मिली सफलता, 12 मार्च से चला अभियान
श्रीगंगानगर पुलिस ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से संभव हो पाई। इस पोर्टल पर दर्ज गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने के लिए 12 मार्च 2026 से एक विशेष अभियान चलाया गया था।
इस अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल अपने जिले बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय नेटवर्क के जरिए मोबाइल फोन को ट्रेस किया और उन्हें रिकवर किया।
यूपी, बिहार, पंजाब और हरियाणा से भी मिले मोबाइल
इस ऑपरेशन की खास बात यह रही कि बरामद मोबाइल केवल राजस्थान तक सीमित नहीं थे, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से भी इन्हें ट्रेस किया गया।
यह दर्शाता है कि मोबाइल चोरी और गुम होने के बाद अक्सर ये डिवाइस दूसरे राज्यों में पहुंच जाते हैं, जहां से उन्हें ट्रैक करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में लौटाए गए मोबाइल
बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन, श्रीगंगानगर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें इन सभी बरामद मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया।
अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। कई लोगों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की और इसे भरोसे की बहाली का उदाहरण बताया।
“अगर आपका मोबाइल गुम हो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि आपकी संपत्ति आपको वापस मिल सके।”
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में कई पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थाना कोतवाली के कांस्टेबल सुशील कुमार ने 26 मोबाइल, जवाहरनगर के सोहनलाल ने 25 मोबाइल बरामद किए।
इसी तरह चिड़साना के राजेश ने 16, पुरानी आबादी के अनिल, सादुलशहर के दीपक, अनूपगढ़ के राजेंद्र और श्रीकरणपुर के महावीर ने भी 10-10 मोबाइल बरामद करने में सफलता हासिल की।
क्यों बढ़ रही है मोबाइल चोरी और गुमशुदगी?
आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि व्यक्ति की पहचान, बैंकिंग, सोशल मीडिया और निजी डेटा का केंद्र बन चुका है।
मोबाइल चोरी के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण हैं:
- मोबाइल की बढ़ती कीमत और डिमांड
- रीसेल मार्केट में आसानी से बिक जाना
- डाटा का दुरुपयोग
- साइबर अपराधों में उपयोग
CEIR पोर्टल कैसे करता है काम?
CEIR (Central Equipment Identity Register) एक सरकारी पोर्टल है, जहां कोई भी व्यक्ति अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कर सकता है।
यह पोर्टल मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर उसे ब्लॉक और ट्रैक करता है, जिससे चोरी किए गए मोबाइल का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है।
जनता के लिए क्या सीख?
इस पूरे मामले से आम लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण सीख मिलती है:
- मोबाइल खोने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें
- IMEI नंबर हमेशा सुरक्षित रखें
- अनजान जगहों पर मोबाइल का उपयोग सावधानी से करें
- ऑनलाइन सुरक्षा उपाय अपनाएं
पुलिस की सक्रियता से बढ़ा भरोसा
श्रीगंगानगर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही तकनीक और इच्छाशक्ति हो तो चोरी और गुमशुदगी के मामलों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
यह अभियान न केवल लोगों की संपत्ति वापस दिलाने का काम करता है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे को भी मजबूत करता है।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर पुलिस द्वारा 35 लाख रुपए के 138 मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके मालिकों को लौटाना एक सराहनीय कदम है। यह दिखाता है कि तकनीक और प्रशासनिक सक्रियता के जरिए आम लोगों को राहत दी जा सकती है।
अगर इसी तरह के अभियान लगातार चलते रहे तो भविष्य में मोबाइल चोरी के मामलों में कमी आ सकती है और लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था में और मजबूत होगा।

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राकेश खुडिया