श्रीकरणपुर में 80 करोड़ की हेरोइन बरामद: तीसरे दिन भी ‘सफेद जहर’ पर बड़ा एक्शन
श्रीकरणपुर में ‘सफेद जहर’ पर बड़ा प्रहार: तीसरे दिन भी डेढ़ किलो हेरोइन बरामद, 80 करोड़ का ड्रग्स नेटवर्क बेनकाब
Trend2in News Desk | श्रीगंगानगर — अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीकरणपुर क्षेत्र में नशे के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान में सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सफलता मिल रही है। पुलिस, CID और BSF की संयुक्त कार्रवाई में तीसरे दिन भी बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई है।
ताजा कार्रवाई में गांव 2FC की रोही से करीब डेढ़ किलो हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। खास बात यह है कि यह बरामदगी उसी क्षेत्र से मात्र 500 मीटर दूरी पर हुई है, जहां एक दिन पहले करीब सवा 2 किलो हेरोइन मिली थी।
लगातार तीसरे दिन बड़ी कार्रवाई
श्रीकरणपुर क्षेत्र में यह लगातार तीसरा दिन है, जब सुरक्षा एजेंसियों को ड्रग्स के खिलाफ अभियान में सफलता मिली है। इससे पहले की कार्रवाई में तीन पैकेट में करीब 2.25 किलो हेरोइन बरामद की गई थी।
लगातार तीन दिनों में हुई इन कार्रवाइयों में अब तक कुल करीब 80 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की जा चुकी है, जो इस क्षेत्र में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है।
सीमा क्षेत्र में बढ़ी सर्चिंग
पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के निर्देशन में श्रीकरणपुर और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में स्थानीय पुलिस, CID और BSF की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, सीमा पार से ड्रग्स तस्करी के इनपुट मिलने के बाद यह विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसमें खेतों, रोही क्षेत्रों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार तलाशी ली जा रही है।
‘सफेद जहर’ का नेटवर्क उजागर
लगातार मिल रही हेरोइन से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि श्रीकरणपुर क्षेत्र में ड्रग्स तस्करी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। ‘सफेद जहर’ के नाम से जानी जाने वाली हेरोइन युवाओं को निशाना बना रही है और समाज के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क के पीछे जुड़े तस्करों और सप्लाई चैन की गहराई से जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
ग्रामीण इलाकों का इस्तेमाल
ड्रग्स तस्कर अक्सर सीमा के नजदीक स्थित ग्रामीण और रोही क्षेत्रों का इस्तेमाल छिपाने और सप्लाई के लिए करते हैं। खेतों में या खाली इलाकों में पैकेट फेंककर बाद में उन्हें उठाने की रणनीति अपनाई जाती है।
इस बार भी बरामद हेरोइन खुले क्षेत्र में छिपाकर रखी गई थी, जिसे सर्च अभियान के दौरान बरामद किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता
लगातार तीन दिन तक चली इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि एजेंसियां अब ड्रग्स तस्करी के खिलाफ पहले से ज्यादा सतर्क और सक्रिय हो चुकी हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
समाज के लिए गंभीर खतरा
हेरोइन जैसी खतरनाक ड्रग्स का प्रसार युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तर पर बड़ा संकट पैदा कर सकता है।
सरकार और प्रशासन लगातार इस दिशा में सख्त कदम उठा रहे हैं, लेकिन इसके लिए समाज के सहयोग की भी उतनी ही जरूरत है।
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राकेश खुडिया