रायसिंहनगर ठाकरी मारपीट केस: SP ने मांगी रिपोर्ट, मेडिकल बोर्ड जांच, आमरण अनशन की चेतावनी
रायसिंहनगर के निकटवर्ती गांव ठाकरी में ब्राह्मण परिवार के साथ हुई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार द्वारा न्याय नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन धरने और आमरण अनशन की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया है। एसपी श्रीगंगानगर ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है, वहीं घायलों की दोबारा मेडिकल बोर्ड से जांच कराने का फैसला लिया गया है। पुलिस ने जांच पूरी करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है।
मिनी सचिवालय के सामने धरना, सर्व समाज का समर्थन
पीड़ित परिवार ने 30 मार्च तक कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी थी। इसके बाद आज मिनी सचिवालय के सामने धरना लगाया गया, जिसमें सर्व समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पुलिस-प्रशासन की वार्ता, एक सप्ताह का समय
धरने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी महावीर बिश्नोई मौके पर पहुंचे और पीड़ित पक्ष से वार्ता की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसपी द्वारा रिपोर्ट मांगी गई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने इस जांच के लिए करीब एक सप्ताह का समय मांगा, जिस पर पीड़ित परिवार और उपस्थित लोगों ने सहमति जताते हुए फिलहाल धरना स्थगित कर दिया।
घायलों की दोबारा मेडिकल बोर्ड से जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में घायल पीड़ितों की दोबारा मेडिकल बोर्ड से जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गंभीर आरोप: रिपोर्ट में गड़बड़ी और राजनीतिक संरक्षण
कामरेड श्योपत राम मेघवाल ने आरोप लगाया कि पहले बनाई गई मेडिकल रिपोर्ट में प्रभावशाली लोगों के दबाव में गड़बड़ी की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग हमलावरों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
न्याय नहीं मिला तो आमरण अनशन
पीड़ित सुनील कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह में न्याय नहीं मिला तो वे मिनी सचिवालय के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे।
कई नेता और ग्रामीण मौजूद
धरना स्थल पर कामरेड श्योपत राम मेघवाल, कांग्रेस नेता पिंकी गॉड, भाजपा नेता ओम सारस्वत, छात्र नेता रवि मालिया, मांगी ओझा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
मामला गरमाया, एक सप्ताह में फैसला अहम
यह मामला अब प्रशासन और पुलिस के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। आने वाले एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट और कार्रवाई से यह तय होगा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है या आंदोलन और तेज होता है।
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राकेश खुडिया