रायसिंहनगर के दो युवक 101 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार, पुलिस ने कार जब्त की। फिरोजपुर से नशा लाकर सप्लाई की तैयारी थी, कार जब्त
Trend2in News Desk | श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जवाहरनगर थाना पुलिस ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो युवकों को 101 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार भी जब्त की है, जिसका उपयोग कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी में किया जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के समय में क्षेत्र में नशे के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 30 मार्च को दोपहर के समय साधुवाली चेक पोस्ट पर की गई। पुलिस को एएनटीएफ की स्थानीय टीम से गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ लोग कार में हेरोइन लेकर क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी और संबंधित स्थान पर नाकाबंदी कर दी गई। पुलिस टीम ने आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई, जिसमें से 101 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान रायसिंहनगर के वार्ड नंबर 11 स्थित गोशाला के निकट रहने वाले 43 वर्षीय सुरेंद्रपाल सिंह उर्फ निड्डू पुत्र नरेंद्र सिंह कश्मीरी पंडित तथा 11 टीके निवासी 29 वर्षीय प्रवीण बिश्नोई पुत्र जीताराम के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई की निगरानी कार्यवाहक एसएचओ जयवीर सिंह द्वारा की गई, जबकि एसपी हरी शंकर के निर्देश पर मामले की जांच सदर थाना के एसआई सुनील कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस समय यह कार्रवाई की गई, उस समय हेड कांस्टेबल महेंद्र, कांस्टेबल उग्रसेन, अमनप्रीत और विरेंद्र गोदारा गश्त पर थे। इसी दौरान एएनटीएफ चौकी से कांस्टेबल घनश्याम द्वारा दी गई गोपनीय सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली, जिसमें से हेरोइन बरामद हुई।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी यह मादक पदार्थ पंजाब के फिरोजपुर जिले से खरीदकर लाए थे और इसे आगे सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इस हेरोइन की सप्लाई किन क्षेत्रों में की जानी थी।
आरोपी सुरेंद्रपाल सिंह उर्फ निड्डू का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2017-18 में भी उसे मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था। इसके बाद उस पर दुष्कर्म और मारपीट के आरोप भी लगे थे, जिनमें उसे गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई थी। इस बार फिर उसका नाम मादक पदार्थ तस्करी में सामने आने से पुलिस उसकी गतिविधियों को गंभीरता से जांच रही है।
दूसरा आरोपी प्रवीण बिश्नोई के बारे में बताया जा रहा है कि वह नशे का आदी है और संभवतः इसी कारण वह इस अवैध गतिविधि में शामिल हुआ। पुलिस का मानना है कि प्रवीण इस नेटवर्क में एक कड़ी के रूप में काम कर रहा था और उसे मुख्य आरोपी द्वारा साथ ले जाया गया था।
पुलिस ने आरोपियों की कार, जिसका नंबर एचआर 48 सी 7182 बताया जा रहा है, को भी जब्त कर लिया है। इस कार का इस्तेमाल नशे की तस्करी में किया जा रहा था। पुलिस अब इस वाहन के मालिकाना हक और इसके उपयोग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इस पूरे मामले में एएनटीएफ टीम की भूमिका भी अहम रही है। सूचना जुटाने में एएनटीएफ टीम के सदस्य अवतार सिंह, जया ज्यानी, आरिफ हुसैन, भानुप्रताप, सुखदीप और रामकुमार शामिल थे। उनकी सटीक सूचना के आधार पर ही पुलिस को यह सफलता मिली है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस और विशेष टीमों के बीच बेहतर समन्वय से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक हरी शंकर ने पहले भी स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी नशे के कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की तस्करी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पंजाब से सटे क्षेत्रों में यह समस्या और गंभीर है, क्योंकि यहां से नशे की सप्लाई का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर गंभीर है।
हालांकि इस तरह की कार्रवाइयों के बावजूद यह सवाल भी उठता है कि आखिरकार नशे का यह नेटवर्क इतना मजबूत कैसे हो रहा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है। पुलिस अब इस दिशा में भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है जो युवाओं को इस दलदल में धकेल रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। यदि समय रहते इस समस्या पर काबू नहीं पाया गया तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
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राकेश खुडिया