रायसिंहनगर के मुकलावा में 17 टीके की जमीन को लेकर बड़ा विवाद, बिश्नोई समाज का धरना, कार्यालय पर ताला। ज्ञापन में प्रशासन पर गंभीर आरोप और निष्पक्ष जांच की मांग।
मुकलावा में जमीन विवाद पर बवाल: 17 टीके की भूमि को लेकर धरना, कार्यालय के गेट पर लगा ताला, प्रशासन पर गंभीर आरोप
Trend2in News Desk | रायसिंहनगर
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र के मुकलावा थाना इलाके में 17 टीके की विवादित भूमि को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस विवाद ने अब आंदोलन का रूप ले लिया है, जहां बिश्नोई समाज के लोगों ने आक्रोश जताते हुए उप तहसील एवं कार्यपाल दंड नायक कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
📌 क्या है पूरा मामला
मामला चक 17 टीके की नहरी भूमि से जुड़ा है, जो राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार मंदिर माफी भूमि बताई जा रही है। यह भूमि प०न० 164/301 के मु0न0 32 के अंतर्गत किला नंबर 9/1, 9/2, 10, 14, 15 और 16 में कुल 1.26580 हेक्टेयर क्षेत्रफल में दर्ज है।
श्री श्री 108 गुरु जम्भेश्वर प्रबंध सेवा समिति, मुकलावा के अनुसार यह भूमि वर्ष 1982 में मंदिर माफी के रूप में आवंटित की गई थी और 1985 में इसका नामांतरण दर्ज हुआ था। तब से लेकर अब तक इस भूमि पर किसी अन्य प्रकार का नामांतरण या स्थानांतरण नहीं किया गया है।
⚠️ विवाद कैसे बढ़ा
समिति के अनुसार यह भूमि कुछ समय के लिए बिश्नोई मंदिर रायसिंहनगर को चंदा स्वरूप दी गई थी, लेकिन अब कुछ विवादित सदस्य इस भूमि पर अधिकार जताने लगे हैं। आरोप है कि मंदिर की आड़ में इस भूमि को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी को लेकर बिश्नोई समाज के लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं।
📄 ज्ञापन में क्या लिखा है
धरना प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने उप जिला कलेक्टर रायसिंहनगर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि:
- भूमि मंदिर माफी के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है
- पटवारी एवं प्रशासनिक रिपोर्ट में भी मंदिर का कब्जा सही पाया गया
- तहसीलदार द्वारा जारी आदेश (क्रमांक/रीडर/2026/297 दिनांक 19.03.2026) के अनुसार भूमि को अलग करते हुए ठेका काश्त के लिए स्वीकृति दी गई
- समिति द्वारा सर्वसम्मति से यह भूमि 1 वर्ष के लिए सुमन कुमार को दी गई
ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि भूमि से छेड़छाड़ की गई तो सामाजिक तनाव बढ़ सकता है और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
🚨 धरना और प्रशासन की कार्रवाई
धरना स्थल पर सैकड़ों लोग जुटे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए मौके पर तहसीलदार हर्षिता मिड्डा पहुंचीं और लोगों से वार्ता कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
बिश्नोई समाज के अध्यक्ष अरविंद कड़वासरा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
👥 कौन-कौन रहे मौजूद
धरना स्थल पर अरविंद कड़वासरा, अरुण कड़वासरा, पृथ्वीराज धतरवाल, राजेंद्र भादू (पूर्व प्रधान), विनोद कड़वासरा, अभिषेक कड़वासरा, राय साहब थालोड़ सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
📊 प्रशासन के लिए चुनौती
यह मामला अब केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक तनाव और कानून व्यवस्था का मुद्दा बन चुका है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।
अब सबकी नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि इस संवेदनशील मामले में क्या फैसला लिया जाता है।
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✍️ रायसिंहनगर से रमेश लोटिया की रिपोर्ट

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राकेश खुडिया